हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं। ऐसे समय में लोग अपने-अपने तरीके से सरकार के फैसलों, विकास कार्यों और सबसे महत्वपूर्ण रोजगार बढ़ाने के सरकार के प्रयासों का आकलन कर रहे हैं। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि आखिर त्रिवेंद्र सरकार ने ऐसे कौन से प्रमुख फैसले लिए हैं, जिससे पलायन से निपटा जा सकता है और लोगों का जीवन बेहतर हो रहा है।
भ्रष्टाचार अब और नहीं
जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन पूर्णत: लागू। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता से लगा भ्रष्टाचार पर अंकुश। पारदर्शी ट्रांसफर एक्ट लागू जिससे ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर होने वाला व्यापार पूर्णत: बंद। जीरो टॉलरेंस के अनुरूप कार्य करते हुए सरकारी धन का दुरूपयोग करने, धोखाधड़ी करने एवं भ्रष्टाचार में कुल 52 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें 21 को विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किया गया।
उद्योगों को मिली रियायतें
सरकार के इस फैसले से पर्यटन कारोबारियों को उद्योग जगत से जुड़ी रियायतों का लाभ मिलेगा। इससे पर्यटन कारोबार बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में विकास के लिए
एक्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष कुल 3 लाख सरकारी कर्मचारियों में से 10 कर्मचारियों का मैदानी क्षेत्रों से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानांतरण अनिवार्य। सरकारी नीति के तहत् ई-ऑक्शन एवं ई-टेंडर की व्यवस्था बाध्यकारी। विभिन्न अनियमित्ताओं यथा-खाद्यान्न खरीद, भूमि मुआवजा वितरण, शिक्षक भर्ती, छात्रवृत्ति वितरण की समयबद्ध जांच एसआईटी से करायी जा रही है। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही। एक समान कार्य प्रवृत्ति वाले विभागों के एकीकरण की प्रक्रिया आरम्भ।
सेवा का अधिकार कानून के अंतर्गत 162 नई सेवाएं शामिल। वर्तमान में सेवाधिकार कानून के तहत् 312 सेवाएं उपलब्ध हैं। सीएम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड-उत्कर्ष के माध्यम से प्रत्येक विभाग की मॉनिटरिंग सीएम आफिस द्वारा की जा रही है। फलत: परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो रही है।
नहीं हो रहा काम तो सीएम हेल्पलाइन है ना
सीएम हेल्पलाइन 1905 से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी नागरिक का प्रशासन या विभाग स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है तो वह सीएम हेल्पलाइन 1905 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। समाधान, मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय आदि स्तर पर की जाने वाली शिकायतों को भी इसमें समन्वित किया गया है।
एक इंटीग्रेटेड सिस्टम होने से डुप्लीकेसी को भी रोका जा रहा है। इस हेल्पलाइन के तहत बनाए गए सिस्टम से नागरिकों की शिकायतों का फॉलोअप आसानी से हो रही है। कॉल सेंटर द्वारा शिकायत सीधे उस अधिकारी को फारवर्ड की जा रही है जहां से उस शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।


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