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गैरसैंण से सीएम हेल्पलाइन तक, त्रिवेंद्र सरकार के 9 बड़े फैसले

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त्रिवेंद्र सरकार के पिछले तीन साल के कार्यकाल पर नजर डालें तो राज्य में अटल आयुष्मान योजना में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करना, सीएम हेल्पलाइन 1905 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है।

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर आइए जानते हैं 10 बड़े फैसलों के बारे में, जो सरकार के कार्यों की कहानी बयां करते हैं। इनमें कुछ ऐतिहासिक फैसले हैं, जिसकी मांग दशकों से की जा रही थी तो कुछ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए तो कुछ ऐसे जिसे आप सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का सबूत कह सकते हैं। आइए समझते हैं-

1- गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी

उत्तराखंड के लोगों की लंबित एक पुरानी मांग या कहें कि मन की मुराद त्रिवेंद्र सरकार ने पूरी की है। अब राज्य की दो राजधानियां होंगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल में बजट सत्र के दौरान यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी अब गैरसैंण (भराड़ीसैंण) होगी। गैरसैंण को राज्य की राजधानी बनाने के लिए काफी समय से मांग की जा रही थी। इसके लिए आंदोलन भी हुए थे। उत्तर प्रदेश से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद से ही पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने को लेकर मांग की जाती रही है। राज्य में सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, वह गैरसैंण को ठंडे बस्ते में नहीं डाल सकीं। काफी समय से उत्तराखंड की राजधानी का मुद्दा लोगों की भावनाओं से जुड़ा था। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का वादा भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प में भी किया था।

2- देवस्थानम बोर्ड की स्थापना

उत्तराखंड के बहुचर्चित चार धाम देवस्थानम विधेयक को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और इसके आसपास के मंदिरों का प्रबंधन अब चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा। विधानसभा से पारित होने के बाद इस बिल को राज्यपाल के पास भेजा गया था, जहां से मंजूरी मिल गई।
आपको बता दें कि बोर्ड बनाए जाने का कई पुजारियों, पुरोहितों और पंडों ने विरोध किया था। दिसंबर में पुरोहितों ने इस विधेयक के विरोध में धरना दिया था। हालांकि सीएम रावत ने साफ कहा है कि बोर्ड बनने के बाद मंदिरों से जुड़े पुजारी, न्यासी, तीर्थ पुरोहितों, पंडों और हक हकूकधारियों को वर्तमान में प्रचलित देव दस्तूरात और अधिकार पहले की तरह ही बने रहेंगे।

3- ट्रांसफर एक्ट

सरकार ने पारदर्शी ट्रांसफर एक्ट लागू किया है, जिससे ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर होने वाला व्यापार पूर्णत: बंद हो गया है। जीरो टॉलरेंस के अनुरूप कार्य करते हुए सरकारी धन का दुरूपयोग करने, धोखाधड़ी करने एवं भ्रष्टाचार में कुल 52 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें 21 को विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किया गया।

4- ई-गवर्नेंस और ई-टेंडरिंग

उत्तराखंड ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की ओर अग्रसर है। 21 जनवरी, 2020 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में ई-ऑफिस कार्य प्रणाली का शुभारंभ किया। अब विभिन्न विभागों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का उद्देश्य है कि सचिवालय और सभी विभागों में प्रदेश और जिला स्तर पर फाइलों के मूवमेंट में तेजी आए। ई-ऑफिस उत्तराखंड सरकार के द्वारा शासकीय कार्यों में सुशासन व पारदर्शिता लाएजाने हेतु एक उत्कृष्ट कदम है।

5- अटल आयुष्मान योजना में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज

प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना प्रारम्भ की गई है जिसके अन्तर्गत हमारे प्रदेश के लगभग 5 लाख परिवारों को गम्भीर बीमारी के इलाज के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना को और आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना प्रारम्भ करते हुए लगभग 18 लाख और परिवारों को भी प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस प्रकार उत्तराखंड राज्य के समस्त 23 लाख परिवारों को सामान्य एवं गम्भीर बीमारी के इलाज हेतु निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

6- स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें

त्रिवेंद्र रावत सरकार ने आईसीएससी बोर्ड को छोड़कर शेष सभी में स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इससे छात्र-छात्राओं को सस्ती किताबें मिल सकेगी। इस फैसले से छात्र-छात्राओं को महंगी किताबें लेने से निजात मिल रही है।

7- सीएम हेल्पलाइन का प्रभावी क्रियान्वयन

आपका कोई काम नहीं हो रहा तो सीएम हेल्पलाइन 1905 पर शिकायत कर सकते हैं। शिकायतकर्ता को मोबाइल ओ०टी०पी० के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा दी गई है। शासन के प्रत्येक स्तर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा है। किसी भी समय शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिली हुई है। प्रत्येक स्तर पर एसएमएस व ईमेल के माध्यम से सूचना का प्रेषण होगा। नागरिकों एवं शासन के बीच आसान एवं पारदर्शी तरीके से संवाद का जरिया तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

8- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सरकार की नीति का प्रमुख आधार रहे हैं। त्रिवेंद्र सरकार ने भ्रष्टाचाार और माफिया तत्वों को सत्ता के करीब भी नहीं फटकने दिया है। इन तीन वर्षों में राज्य के विकास की न सिर्फ दिशा तय हुई है बल्कि काम भी दिखने लगा है। हमने समाज के हर तबके का भी ध्यान रखा है। विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का ईमानदारी से पूरा प्रयास किया है।

9- मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना

पलायन की रोकथाम के लिए सीएम ने सीमांत क्षेत्र के लिए केंद्र की तर्ज पर मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना और प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना शुरू किया है। साथ ही प्रदेश में जल्द ही भूमि बंदोबस्त कराने की दिशा में काम हो रहा है। सीएम ने कहा कि इस योजना से सीमांत क्षेत्रों से पलायन रुकेगा।

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