उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही पदोन्नति में लगी रोक को हटा दिया गया है। अब सरकारी कर्मचारियों को बिना आरक्षण के प्रोन्नति दी जाएगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह फैसला अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने पर लिया है। इस फैसले से जनरल-ओबीसी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है।
जनरल-ओबीसी कर्मचारी एसोसिएशन दो मार्च से पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। कर्मचारियों की मांग थी कि पदोन्नति में लगी रोक हटाने, आरक्षण खत्म करने और आरक्षण रोस्टर में की गई नई व्यवस्था को बरकरार रखा जाए। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख से अधिक जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल से लगातार काम प्रभावित हो रहा था। इस फैसले के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की है। बृहस्पतिवार से सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में जाएंगे।
इससे पहले प्रमोशन में आरक्षण के मामले में 7 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर होनी चाहिए। इसमें आरक्षण को आधार न बनाया जाए। कोर्ट ने इसे लागू करने का फैसला राज्य सरकार पर छोड़ दिया था। इसके बाद से ही राज्य के जनरल-ओबीसी कर्मचारी प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त करने के लिए लगातार सरकार पर दबाव बना रहे थे। जिसके बाद राज्य सरकार ने आज उनकी मांगों को मानते हुए प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त कर दिया है।


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