कोरोना को लेकर बरती जा रही सतर्कता के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थलों को सैनेटाइज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना बेहद जरूरी है। इसके लिए जिलाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करते हुए लगातार सैनेटाइजेशन की रिपोर्ट लेते रहें। उन्होंने सभी नगर निकायों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगातार प्रचार प्रसार किया जाए। आमजन को सामाजिक दूरी बनाकर रखने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने आमजन से सीनियर सिटीजन और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर में ही रहने की सलाह देते हुए जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में एडीएम रैंक के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाए। नोडल अधिकारी सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लें एवं जिलाधिकारी को लगातार अपडेट करते रहें। गैप्स एवं अन्य प्रकार की आवश्यकताओं के संबंध में अवगत कराएं। जिलाधिकारी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु व्यवस्था कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों की आवाजाही को रोक दिया गया है। परंतु ऐसे विदेशी पर्यटक जिनका वीजा समाप्त हो रहा है, उनके वीजा को 15 अप्रैल, 2020 तक बढ़ाए जाने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संयम और सतर्कता बरतें। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना का संदिग्ध पाए जाने पर गाइडलाइन/प्रोटोकोल के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कोरोना के लक्षण पाए जाने पर 100 प्रतिशत सतर्कता बरतते हुए प्रोटोकोल के अनुसार उत्तरोत्तर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। डॉक्टर्स और मेडिकल टीम को स्वस्थ व सुरक्षित रखने के लिए भी पूरी सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को डाटा को रेग्यूलर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए 0135-2609500 पर संपर्क किया जाए। पैरामेडिकल से सम्पर्क करते हुए उनकी सहायता लेने के लिए तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए स्थानीय व्यापार मंडलों, मंडी परिषदों आदि से सम्पर्क करते हुए व्यवस्थाएं बनाई जाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि आमजन में अफरातफरी का माहौल न बने। अफवाहें फैलाने वालों के साथ सख्त कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटाइन हेतु प्राइवेट होटल एवं हॉस्टल आदि की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए स्टाफ के प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्वारंटाइन हेतु विशेष बातों का भी ध्यान रखा जाए जैसे सिंगल रूम वाले होटल या हॉस्टल बेहतर हैं। इसके साथ ही सेंट्रल एयर कंडीशनर न हो, इससे अन्य रूम में स्वस्थ व्यक्ति भी प्रभावित हो सकता है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री रावत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में भी सम्मिलित हुए। बैठक में केंद्रीय अधिकारियों द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमण को रोकने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों को व्यापारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए जाने पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह एवं पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा एवं शैलेश बगोली सहित शासन के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।


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