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अखबार छूने से कोरोना फैलने की अफवाह, रस्किन बॉन्ड बोले- प्लीज! मुझे भेज दो

ruskin bond

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है। लोग सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं, घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जरूरी काम से जो बाहर जा रहा है जितनी जल्दी हो सके, हाथ धो लेता है पर इन सबके बीच यह अफवाह फैल गई है कि अखबार छूने से भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है। केंद्रीय मंत्रियों समेत तमाम जानीमानी हस्तियां भी समझा रही हैं कि ये बात गलत है और कोरी अफवाह पर लोगों ने समाचार पत्रों से दूरी बना ली है। अब इन अफवाहों के चक्कर बड़ी आबादी सूचनाओं से वंचित हो रही है।

जी हां, अफवाह के चक्कर में समाचार पत्रों से दूरी बना लेने से लोग सही और सटीक खबरों से दूर हो रहे हैं। इससे और भी अफवाह फैलने का खतरा बना रहता है। अब अंग्रेजी भाषा के मशहूर भारतीय लेखक रस्किन बॉन्ड ने भी लोगों को समझाने की कोशिश की है कि अखबार बिल्कुल सुरक्षित हैं और इसे पढ़ने से लोग कोरोना के प्रति जागरूक होते हैं।

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एक वीडियो संदेश में रस्किन बॉन्ड ने अफवाह के चक्कर में अखबार न मिल पाने की अपनी परेशानी बयां की है। उन्होंने कहा, ‘यहां लंढौर में आम दिनों में ही अखबार मिलना काफी मुश्किल होता है। इस वायरस के संक्रमण की दहशत के फैलने के बाद लोगों को लगता है कि अखबार और किताबों से भी वायरस उन तक फैल सकता है। इससे और मुश्किल हो रही है, मुझे अखबार के बिना अपना दिन काटने में काफी कठिनाई हो रही है।’

 

बॉन्ड ने आगे कहा, ‘कृपा करके ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें कि अखबारों से वायरस फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कह दिया है कि अखबार पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसलिए अगर आप अपना अखबार नहीं लेना चाहते तो मुझे भेज दीजिए, मैं आपका आभारी रहूंगा।’

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Hill Mail

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