प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल को 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों की लाइटों बंद कर दीपक जलाने का आग्रह किया जिससे कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक ताकत का अहसास हो। ऐसे समय में उत्तराखंड के सपूत और जानेमाने गीतकार प्रसून जोशी ने दीपक पर एक कविता शेयर की है। #IndiaFightsCorona के साथ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री जी ने कोरोना के अंधेरे से लड़ने के लिए हमसे 5 अप्रैल को 9 बजे 9 मिनट के लिए साथ आने का आग्रह किया है, हमें ये करना है और जुड़ कर प्रकाश बनना है। अपनी ये कविता इसी भावना को समर्पित करता हूं।’
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आप भी पढ़िए प्रसून जोशी की यह कविता और मर्म समझिए। इससे पहले प्रसून ने एक कविता शेयर कर लोगों से लॉकडाउन के दौरान घर में रहने का संदेश दिया था।
‘दीपक हूं मैं लालायित हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं
एक और दीप जलेगा मुझसे
यह आशा ले कर जीवित हूं
ज्योति रीति है मुझे निभानी
यह तम रेखा मुझे मिटानी
मुझे ध्वंस का अंश मिटाना
मुझे किरण पथ पर है जाना
मैं आशा लेकर जीवित हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं
सूर्य पुत्र हूं मैं उजाल हूं
मैं उन्नत अंगार भाल हूं
बिंदु बिंदु झरते जाना है
मुझे तिमिर पोते जाना है
बस यह लक्ष्य लिए अर्पित हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं
आलोकित करना है पथ को
मुझे निभाना अग्नि शपथ को
मुझे दीप कर्तव्य निभाना
मुझे भोर तक जलते जाना
इसी बोध से मैं कृत कृत हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं
मुझे भस्म बनकर उड़ जाना
है अपना अस्तित्व मिटाना
में प्रकाश की सूक्ष्म टपक हूं
जब तक उपयोगी तब तक हूं
इसी भाव से मैं हर्षित हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं
एक और दीप जलेगा मुझसे
यह आशा ले कर जीवित हूं
दीपक हूं मैं लालायित हूं’
चलो मन को दें आदेश… प्रसून जोशी की इस कविता से समझिए लॉकडाउन


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