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जमातियों को उत्तराखंड के डीजीपी का कड़ा संदेश, खुद सामने आएं वरना ‘हत्या के प्रयास’ का केस भी होगा

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही राज्य पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्य में 26 लोग कोरोना से संक्रमित हैं, इनमें से 19 लोग निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज से जुड़े लोग हैं। राज्य के डीजीपी अनिल रतूड़ी ने साफ कर दिया है कि जमात के लोग खुद सामने आकर अपनी जानकारी दें। इसके लिए छह अप्रैल आखिरी दिन है। इसके बाद अगर कोई जमाती कोरोना संक्रमित पाया गया तो यह माना जाएगा कि उसने अपनी मरकज में जाने की जानकारी जानबूझकर छिपाई। ऐसे सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य पुलिस ऐसे लोगों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, attempt to murder की धारा में कार्रवाई करेगी। यदि किसी की गांव या अन्य जगह जमात से जुड़े शख्स के संक्रमण की वजह से किसी की मृत्यु हो जाती है, तो हत्या का मुकदमा भी लिखा जा सकता है।

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प्रदेश के डीजीपी अनिल रतूड़ी ने अपने संदेश में कहा है, “मेरा अनुरोध है ऐसे सभी तबलीगियों से, जो निजामुद्दीन गए थे या किसी अन्य तबलीग में गए थे और वापस वर्तमान में उत्तराखंड में निवासरत हैं वो कृपया सभी सामने आएं और प्रशासन और Uttarakhand Police को कल दिनांक 06 अप्रैल 2020 तक अपने आप को प्रस्तुत करें। यदि आवश्यक हो तो आपकी जांच कराई जाएगी, आपको क्वारंटाइन किया जाएगा और आपकी पूरी मेडिकल मदद की जाएगी। 06 अप्रैल 2020 के बाद यदि यह जानकारी पुलिस या प्रशासन के संज्ञान में आती है कि आप जानबूझकर अपने आप को छिपा रहे थे और उसके बाद उन्होंने संक्रमण फैलाया, तो इसमें हम न केवल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, IPC की धाराओं में बल्कि attempt to murder में भी उनके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। और यदि उसके बाद किसी की गांव में या अन्य जगह उस संक्रमण की वजह से किसी की मृत्यु हो जाती है, तो हम हत्या का मुकदमा भी लिखेंगे और बहुत सख्त कार्यवाही करेंगे। मेरा अनुरोध है आप कृपया सामने आएं और यदि कल 06 अप्रैल तक आप सामने आ जाते हैं तो हम आपकी पूरी मदद करेंगे। आपका चिकित्सा परीक्षण कराएंगे और आपको स्वस्थ बनाने का पूरा प्रयास शासन प्रशासन करेगा।”

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Hill Mail

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