भारतीय सेना के पर्वतारोही दल ने 25 मई को सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया। इस दल में चार महिलाएं भी शामिल थी। सेना के अधिकारियों ने बताया, ‘चार महिला अधिकारी, तीन एनसीओ सहित एक पुरुष अधिकारी ने 25 मई की सुबह सफलतापूर्वक एवरेस्ट
भारतीय सेना के पर्वतारोही दल ने 25 मई को सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया। इस दल में चार महिलाएं भी शामिल थी।
सेना के अधिकारियों ने बताया, ‘चार महिला अधिकारी, तीन एनसीओ सहित एक पुरुष अधिकारी ने 25 मई की सुबह सफलतापूर्वक एवरेस्ट पर अपनी चढ़ाई संपन्न की।
अधिकारियों ने बताया कि गढ़वाल रेजीमेंट के सूबेदार राजेन्द्र जलाल ऐसे पहले भारतीय सैनिक हैं जिन्होंने बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के ही माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया।’ यह चढ़ाई दक्षिण (नेपाल) के रास्ते पूरी की गई जो एक पारंपरिक मार्ग के तौर पर जाना जाता है।
पहली बार इस रास्ते से सर एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोग्रे ने चढ़ाई कर एवरेस्ट फतह की थी।
माउंट एवरेस्ट को फतह करने के कुछ दिन पहले ही नेपाल आर्मी चीफ जनरल सीएमएस गुरूंग ने एवरेस्ट बेस कैम्प में भारतीय सेना की प्रथम महिला पर्वतारोहियों के दल से मुलाकात की थी और उन्हें एवरेस्ट जाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी थी।
इस मौके पर नेपाल में भारतीय राजनयिक श्री जयंत प्रसाद और कर्नल अजय पासबोला ने भी पर्वतारोही दल से भेंट की और उन्हें एवरेस्ट शिखर पर जाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रमेश हलगली ने कहा कि हमें अपनी महिला अधिकारियों और बहादुर जवानों पर गर्व है।
कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में 22 सदस्यीय दल को सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रमेश हलगली ने 12 मार्च को झंडी दिखा कर रवाना किया था।
साल 2001 में पहली बार सेना के दल ने एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी और सेना के महिला दल ने 2005 में उत्तर (तिब्बत) के रास्ते एवरेस्ट को फतह किया था।







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