पनडुब्बी भेदी युद्ध विशेषज्ञ एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी ने 31 अगस्त 2012 को नए नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि बल की सुरक्षा तैयारियों में कोई खामी न रहने पाए। एडमिरल जोशी ने एडमिरल निर्मल वर्मा
पनडुब्बी भेदी युद्ध विशेषज्ञ एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी ने 31 अगस्त 2012 को नए नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि बल की सुरक्षा तैयारियों में कोई खामी न रहने पाए। एडमिरल जोशी ने एडमिरल निर्मल वर्मा की जगह ली है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
देश के 21वें नौसेना प्रमुख के रूप में जोशी ने कहा, ‘यह सम्मान मिलने पर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं । राष्ट्रीय समृद्धि के लिए नौसेना को समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करना उनका प्रयास होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा में खामी न रहे।’
नौसेना की पश्चिमी कमान के कमांडर रहे जोशी ने ऐसे समय नौसेना का प्रभार संभाला है जब यह दो विमानवाहक पोतों के संचालन और बड़ी संख्या में युद्धपोत, लंबी दूरी तक निगरानी रखने वाले विमानों और पनडुब्बियों को शामिल करने के लिए तैयार है।
जोशी अंडमान निकोबार द्वीप कमान और यहां एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के प्रभारी भी रहे चुके हैं। उन्होंने विजाग स्थित पूर्वी बेड़े का भी नेतृत्व किया है।
वर्ष 1974 में नौसेना में शामिल हुए जोशी विमानवाहक पोत आईएनएस विराट, गाइडेड मिसाइल विनाशक रणवीर और आईएनएस कुठार की कमान संभाल चुके हैं।
अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज से स्नातक जोशी मुंबई स्थित नेवल वॉरफेयर कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज में अध्ययन कर चुके हैं। उनकी पत्नी का नाम चित्रा जोशी है और दंपती के दो बेटियां हैं।
नैनीताल में अयारपाटा स्थित नेवल आफिस के बगल में रहने वाले बालक देवेन्द्र को नेवी अधिकारियों की सफेद चमचमाती वर्दी बहुत आकर्षित करती थी। इसी से उन्हें नेवी में जाने की प्रेरणा मिली। हालांकि तब देवेन्द्र ने भी शायद ही सोचा हो कि एक दिन लोग उन्हें भारतीय नौसेना के मुखिया के रूप में जानेंगे।







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