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देश के 75 शहरों से उत्तराखंड आने वालों को 21 दिन रहना होगा क्वारंटीन

कोविड संक्रमित की मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत लगभग 2.83 प्रतिशत है जबकि उत्तराखंड में यह 1 प्रतिशत से कम है। डबलिंग रेट में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उत्तराखंड में सैंपल के पॉजिटिव होने की दर भी राष्ट्रीय औसत से कम है।

उत्तराखंड सरकार ने देश भर से आने वाले उत्तराखंडियों के लिए क्वारंटीन की नई व्यवस्था दी है। अब देश के 75 शहरों ने आने वालों को 21 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा। इसमें सात दिन संस्थागत और 14 दिन होम क्वारंटीन की शर्त है। ये 75 शहर नौ राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हैं। पहले हवाई जहाज से आने वालों को सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वारंटाइन किए जाने की शर्त थी, अब हवाईजहाज से आने वालों को भी सात दिन संस्थागत क्वारंटाइन औक 14 दिन होम क्वारंटाइन रहना होगा।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि हमने देश के 75 शहरों को वहां कोविड-19 मामलों की अधिक संख्या को देखते हुए चिन्हित किया है। यहां से जो भी व्यक्ति आएंगे, उन सभी को सरकारी क्वारंटीन में 7 दिनों के लिए रहना होगा। कोविड जैसे लक्षण न दिखाई देने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा परंतु उन्हें अपने घर में और 14 दिन होम क्वारंटीन रहना होगा। जो व्यक्ति इन चिन्हित स्थानों के अलावा दूसरे स्थानों से आएंगे, उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन रहना होगा। दूसरे राज्यों से आने वाले और प्रदेश के भीतर एक जनपद से दूसरे जनपद में जाने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रेड जोन से दूसरे स्थान पर जाने के लिए परमिट भी लेना होगा।

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मुख्य सचिव के मुताबिक, देश में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या 2 लाख के करीब पहुंच चुकी है जबकि हमारे राज्य में लगभग 1 हजार है। इस तरह से देखा जाए तो देश की जनसंख्या में उत्तराखंड की हिस्सेदारी लगभग 1 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 पॉजिटिव केस में 0.5 प्रतिशत है। उत्तराखंड में लगभग एक चौथाई कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठीक हो चुके हैं। कुल एक्टिव केस मंगलवार दोपहर तक 746 हैं। कुल 07 लोगों की मौत हुई है। ये सभी किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। कोविड संक्रमित की मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत लगभग 2.83 प्रतिशत है जबकि उत्तराखंड में यह 1 प्रतिशत से कम है। डबलिंग रेट में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। हमारे यहां सैंपल के पॉजिटिव होने की दर भी राष्ट्रीय औसत से कम है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग बहुत महत्वपूर्ण है। अभी तक लगभग 4 हजार कांटैक्ट ट्रेसिंग की गई है। प्रदेश में व्यवस्थाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। संस्थागत फैसिलिटी में बेड की संख्या को बढ़ाकर लगभग 14 हजार किया जा चुका है। अभी हमारे यहां एक्टिव केस 746 हैं। आगे संख्या कुछ बढ़ने की सम्भावना है परंतु किसी तरह से पैनिक होने की स्थिति नहीं है। हमारी अच्छी तैयारी है। लगभग 95 प्रतिशत मामलों में किसी तरह के लक्षण नहीं होते या बहुत ही कम लक्षण होते हैं। अधिकांश मामलों की ट्रैवल हिस्ट्री रही है। स्वतः प्रसार जैसी स्थिति नहीं है।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 60 हजार लोग मनरेगा में कार्य कर रहे हैं। 11 हजार नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इनमें से 7 हजार लोगों को काम भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य श्री अमित नेगी भी उपस्थित थे।

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Hill Mail

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