Home देश-विदेश लद्दाख में बढ़ा तनाव, चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक भारतीय अफसर, 2 जवान शहीद
देश-विदेश

लद्दाख में बढ़ा तनाव, चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक भारतीय अफसर, 2 जवान शहीद

एक महीने से लद्दाख में चीन के सैनिकों की हरकत ने दोनों देशों के बीच तनाव को भड़का दिया है। बीती रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई है। इसमें तीन भारतीय जांबाजों की मौत की सूचना है, जिसके बाद से देशभर में चीन को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है।

लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच जारी तनातनी ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। गलवान घाटी में चीनी सैनिकों को पीछे भेजने की प्रक्रिया चल रही थी कि बीती रात हिंसक झड़प हो गई, जिसमें जानें भी चली गईं। भारत की तरफ से एक अफसर और 2 जवानों की शहादत हुई है। भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा है कि दोनों पक्षों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस समय हालात को शांत करने के लिए वहीं पर वार्ता कर रहे हैं। उधर, चीन की ओर से पांच सैनिकों के मारे जाने और 11 अन्य के घायल होने का दावा किया गया है।

इस घटना के बाद रक्षा मंत्री ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की। पीएम मोदी को भी घटना के बारे में जानकारी दी गई है।

 

उधर, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस झड़प का दोष पूरी तरह से भारतीय सेना पर डालने की कोशिश की। उसने कहा कि सोमवार को भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन किया। उन्होंने चीन के क्षेत्र में घुस कर चीनी सैनिकों पर हमला किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और चीन सीमा विवाद को सुलझाने और एलएसी पर शांति बहाली के लिए सहमत हैं।

आपको बता दें कि 5 मई से ही चीन और भारत के सैनिक आमने-सामने थे। कई दौर की सैन्य वार्ता हो चुकी थी और कल भी वार्ता हुई थी लेकिन बीती रात की इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

भारत में पिछले एक महीने से चीन के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा था। भारत की तरफ से सैन्य अधिकारी स्तर पर वार्ता चल रही थी। इससे पहले बॉर्डर के हालात को स्पष्ट करने को लेकर मांग की गई थी जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि देशवासी आश्वस्त रहें भारत के आत्मसम्मान पर चोट नहीं पहुंचेगी और बॉर्डर के हालात के बारे में वह संसद में बयान देंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की शिष्टाचार भेंट

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने बुधवार, 21 अक्टूबर को...

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, दुष्यंत गौतम को मिली सिक्किम की जिम्मेदारी

उत्तराखंड समेत देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल...

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम धामी ने दिया ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड...

उत्तराखंड बीजेपी से राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य कल करेंगे नामांकन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशी...