प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड प्रेम किसी से छिपा नहीं है। वह यहां के चारधाम को संवारने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने में खुद रुचि ले रहे हैं। हाल में उन्होंने ड्रोन के माध्यम से केदारनाथ में चल रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री का जोर धाम की ऐतिहासिकता और पौराणिक महत्व को सामने लाने पर है। कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने कहा था कि भगवान बदरीनाथ के धाम के लिए भी डेवलपमेंट प्लान बनाया जाए। अगले 100 साल तक की परिकल्पना के हिसाब से डेवलपमेंट प्लान बनाया जाए। खास बात यह है कि राज्य सरकार ने पीएम मोदी के इस प्रस्ताव के कुछ दिन बाद ही बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान तैयार करा लिया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बदरीनाथ धाम के प्रस्तावित मास्टर प्लान पर तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सलाहकार अश्विनी लोहानी और फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म ऐंड हॉस्पिटैलिटी के महासचिव सुभाष गोयल के साथ इस पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सालभर पर्यटन के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य में साल भर पर्यटन के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। विशेष तौर पर यात्रा मार्ग पर स्थित पर्यटन स्थलों में यात्रा अवधि के अलावा भी पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने उत्तराखंड में पर्यटन के विविध आयामों व वर्तमान में चल रही पर्यटन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चारधाम देवस्थानम बोर्ड, होम स्टे, एडवेंचर टूरिज्म, रोप वे प्रोजेक्ट, 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन आदि के बारे में बताया।
देवस्थानम बोर्ड में अहम भूमिका निभा रहे अश्विनी लोहानी
मध्य प्रदेश पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले इंडियन रेलवे सर्विसेज के 1980 बैच के अधिकारी अश्विनी लोहानी पर सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सलाहकार के तौर पर उन्हें कायापलट कर पर्यटन को बढ़ाने के लिए काम करना है। इस दिशा में कामकाज शुरू हो गया है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अहम बैठक हुई।
लोहानी ने उत्तराखंड पर्यटन को ब्रांड के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध वाइल्ड लाइफ में भी पर्यटन की काफी संभावना बताई। अश्विनी लोहानी ने मध्यप्रदेश को पर्यटन को नई पहचान दी थी। उनके द्वारा दी गई टैग लाइन ‘एमपी अजब है, सबसे गजब है’ पयर्टन के क्षेत्र में सबसे चर्चित रही। घाटे में चल रही कई इकाईयों को फायदे में लाने के साथ ब्रांडिंग का जो काम हुआ, उसने प्रदेश के पयर्टन स्थलों को विश्व के मानचित्र पर उभारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उत्तराखंड में भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही है।
वहीं सुभाष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में हाईएंड टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसमें टूरिज्म इंडस्ट्री और पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।



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