लॉकडाउन की शुरुआत से बंद उत्तराखंड परिवहन निगम की सेवाएं 25 जून से शुरू होने जा रही हैं। राज्य परिवहन निगम बोर्ड की बैठक में रोडवेज की बसों के संचालन का फैसला लिया गया है। सभी बसों का संचालन एक साथ शुरू नहीं किया जाएगा। शुरुआत में 50 बसों के संचालन से इसकी शुरुआत होगी। अपर मुख्य सचिव और बोर्ड के अध्यक्ष ओम प्रकाश के मुताबिक, राज्य के अंदर बसों के संचालन पर सहमति बनी है।
उत्तराखंड परिवहन निगम बोर्ड की बैठक में यह तय हुआ कि अगर 50 बसों के संचालन का प्रयोग सफल रहता है तो अगले चरण में बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। शुरुआत में छोटे रूटों पर निगम बसों का संचालन करेगा।
परिवहन निगम के जीएम संचालन दीपक जैन का कहना है कि देहरादून से हरिद्वार, मसूरी, डाकपत्थर, ऋषिकेश, चमोली, उत्तरकाशी जैसे शहरों के लिए बस चलाने का प्लान तैयार किया गया है।
इस बैठक में परिवहन निगम के कर्मचारियों को उत्तराखंड अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने पर भी मुहर लगाई गई है। पूर्व में परिवहन निगम द्वारा खरीदी गई 300 बसों के लोन लेने को भी अनुमति दी गई। इसके साथ ही हरिद्वार बाईपास पर स्मार्ट सिटी के लिए परिवहन निगम की जमीन के बदले आईएसबीटी बस अड्डा परिवहन निगम को देने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। इसमें फैसला लिया गया कि अगर सरकार द्वारा अधिग्रहण पर बात नहीं बनी तो आईएसबीटी देहरादून की जमीन नगर निगम को दी जाएगी।
राज्य में कोरोना के चलते बढ़ा है बसों का किराया
उत्तराखंड में कोरोना के चलते बसों से सफर करना महंगा हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने बसों के किराये में दोगुने से अधिक वृद्धि कर दी है। यह वृद्धि महामारी अधिनियम के प्रभावी रहने तक लागू रहेगी। एक्ट हटते ही बढ़ा किराया कम हो जाएगा। कोविड-19 के चलते बसों में सोशल डिस्टेसिंग के मानकों के अनुसार 50 प्रतिशत यात्रियों को ही बैठाया जाएगा। अभी बसों का संचालन राज्य के भीतर ही होगा, लेकिन दूसरे राज्यों के लिए यात्रा शुरू होने पर वहां के रूटों पर भी बढ़ी दरों से किराया लिया जाएगा।
दरअसल, कोविड-19 के कारण प्रदेश में बसों को सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुरूप 50 प्रतिशत सवारी ले जाने की अनुमति है। बस संचालकों ने 50 प्रतिशत सवारी के साथ मौजूदा किराया दर पर वाहन संचालन में असमर्थता जताई थी, यह वजह है कि सरकार ने किराए में कोरोना काल तक बसों का किराया दोगुना कर दिया है।


पहले ही पुराना काल में हम लोगों के पास नौकरी चाकरी तो है नहीं और ऊपर से गवर्नमेंट बसों का किराया बढ़ा रही है वेरी गुड सरकार उत्तराखंड सरकार बहुत-बहुत धन्यवाद तेरे लिए तो