Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पतंजलि की कोरोना की दवा पर बोले सीएम त्रिवेंद्र, प्रक्रिया में दोष रहा होगा
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

पतंजलि की कोरोना की दवा पर बोले सीएम त्रिवेंद्र, प्रक्रिया में दोष रहा होगा

योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद की कोरोना की दवाई ‘कोरोनिल’ (Patanjali Coronil medicine)की प्रमाणिकता पर उपजे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि इसे बनाने में कोई ‘प्रोसीजरल फॉल्ट’ (प्रक्रियात्मक त्रुटि) रही होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहीं पढ़ा है कि इसके ट्रायल के परिणाम बहुत अच्छे रहे हैं। कोरोनिल से मरीज तीन दिन में 69% और एक सप्ताह में शत प्रतिशत ठीक हो जाते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हर काम कानून के तहत होना चाहिए। हर काम की एक प्रक्रिया होती है जिसका पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि दवाई बनाने में कोई प्रोसीजरल फाल्ट रहा होगा।’

दरअसल, मंगलवार को बाबा रामदेव के कोरोनिल को बाजार में उतारते ही इसे लेकर विवाद शुरू हो गया जिसके बाद केंद्र के आयुष मंत्रालय ने इसके ट्रायल की पूरी जानकारी तलब करते हुए इसके कोरोना की दवाई के रूप में प्रचार पर रोक लगा दी।

पतंजलि ने कहा कि उसने दवा के निर्माण में किसी भी प्रकार के कानून का उल्लंघन नहीं किया है। पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने ट्वीट करके कहा, ‘पतंजलि ने इस औषधि के लेबल पर कोई अवैध दावा नहीं किया है। औषधि का निर्माण और बिक्री सरकार के तय नियम-कानून के अनुसार होता है। किसी की व्यक्तिगत मान्यताओं और विचारधारा के अनुसार नहीं। पतंजलि ने सारी विधिसम्मत अनुपालना की है। बेवजह बयानबाजी से परहेज करें।’

https://twitter.com/tijarawala/status/1276146286270521344?s=20

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...