उत्तराखंड में एक अनुमान के मुताबिक करीब 2 लाख लोग कोरोना काल में शहरों से लौटे हैं। ऐसे में सरकार ने इन लोगों को रोजगार देने के लिए होप यानी हेल्पिंग आउट पीपुल एवरीवेयर पोर्टल- HOPE [Helping Out People Everywhere] शुरू किया है, जिस पर बेरोजगार तेजी से अपना पंजीकरण करा रहे हैं। अब तक पोर्टल पर 14 हजार से ज्यादा लोग पंजीकरण करा चुके हैं।
अब विभाग ने उद्योगों से भी इसमें रिक्तियां विज्ञापित करने को कहा है। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सरकार सरकार ने हाल ही में कोरोना काल के दौरान घर वापस आने वाले युवाओं और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए होप पोर्टल की शुरुआत की। इस पोर्टल में कोई भी पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण कराने के दौरान नाम निवास स्थान, आधार कार्ड संख्या, बैंक की जानकारी देनी होगी।
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पोर्टल में अंतिम नौकरी का पूरा विवरण, शैक्षिक योग्यता के साथ ही विशेषज्ञता, अनुभव, आय, वर्तमान में आय के स्रोत आदि की जानकारी भी फीड करनी होगी। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक होने के संबंध में जानकारी भरनी होगी। आवेदक से यह जानकारी इसलिए ली जा रही है जिससे पंजीकरण कराने वालों को उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्र में काम ढूंढने में मदद मिलेगी और उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा।
इसके लिए पोर्टल में नियोक्ताओं को भी जोड़ा जा रहा है। इससे नियोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से पंजीकरण करने वालों की योग्यता को देखते हुए उन्हें अपने यहां रोजगार दे सकेंगे। इन बेरोजगारों की योग्यता देखने के लिए उन्हें अलग आईडी दी जा रही है। पोर्टल में जुड़ने वालों का अब उनकी विशेषज्ञता के हिसाब से वर्गीकरण किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पंजीकृत किए जा रहे लोगों को रोजगार दिलाने के लिए जिला स्तर पर कौशल विकास केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं। उद्योगों से भी बात की गई है।
कहां कितने पंजीकरण, जानिए
अल्मोड़ा में 1416, बागेश्वर में 479, चमोली में 359, चंपावत में 379, देहरादून में 3503, हरिद्वार में 640, नैनीताल में 1209, टिहरी गढ़वाल में 1347, यूएस नगर में 1799, उत्तरकाशी में 302, पौड़ी गढ़वाल में 1062, पिथौरागढ़ में 306, रुद्रप्रयाग में 1531 पंजीकरण हुए हैं।


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