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घबराएं नहीं, कोरोना वायरस से जीत रहा अपना उत्तराखंड

कोरोना की टेंशन तो हर किसी को है, पर उत्तराखंड के लोगों के लिए गुड न्यूज है। प्रदेश में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए हम कोरोना से जंग जीत रहे हैं। जी हां, प्रदेश में पहली बार मरीजों का रिकवरी रेट 80 फीसदी से ज्यादा हो गया है। मरीजों के दोगुने होने की अवधि भी 57 दिन से ज्यादा हो गई है।

इतना ही नहीं, हर दिन जितने नए मरीज सामने आ रहे हैं उससे ज्यादा डिस्चार्ज हो रहे हैं। गुरुवार का ही उदाहरण देखें तो 37 नए मामले आए और 88 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। आपको बता दें कि उत्तराखंड में अब तक कोरोना के 2984 मामले आए हैं, जिनमें 2405 स्वस्थ हो चुके हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बड़ी जीत का प्रमाण दे रहा है।

सक्रिय मामले, मौतें कितनी
उत्तराखंड में अब 510 सक्रिय मामले हैं। 27 कोरोना पॉजिटिव मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं। 42 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड की कुल आबादी देखें तो 1 करोड़ के पार है। अब तक 2984 लोग कोरोना की चपेट में आए लेकिन 80.60 प्रतिशत मरीज पूरी तरह से संक्रमण से मुक्त हो गए। इस तरह सक्रिय केस देखें तों 17.09 प्रतिशत मरीजों का अभी राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 1.41 प्रतिशत है।

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हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि कोरोना के मामले अब बढ़ेंगे नहीं और ऐसे में बेपरवाह होने से बचना चाहिए। सरकार लगातार कह रही है कि मास्क पहनें और सामाजिक दूरी का पालन करें क्योंकि जरा सी लापरवाही पूरी लड़ाई को प्रभावित कर सकती है। दूसरी तरफ सरकार ने उस हालात की भी तैयारी कर रखी है कि अगर आगे केस बढ़ते हैं तो अस्थायी अस्पतालों/कोविड सेंटरों में मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित हो सके।

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प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमण के लिहाज से देहरादून टॉप पर है। यहां से 713 मरीज सामने आए हैं। दूसरे स्थान पर नैनीताल 513 और टिहरी 420 है। गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को देहरादून में ही दर्ज किया गया और पहला कंटेनमेंट जोन भी यहीं बना। इसके बाद जमातियों के मामले आए, सब्जी मंडी में कोरोना फैला। एक तरह से देखें तो देहरादून भी तमाम मुश्किलों के बाद अब उबरता दिख रहा है।

हालांकि पीएम मोदी के हाल के दिए संदेश को लोगों को याद रखना होगा। उन्होंने कहा था कि हमें लापरवाह नहीं होना है और एक जिम्मेदार नागरिक बनते हुए मास्क लगाना है और सामाजिक दूरी का पालन करना है।

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