कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार की ओर से सोमवार रात ‘अनलॉक-2’ के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। इसके कुछ देर बाद ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट कर बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम 4 बजे देशवासियों को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम चीन से बढ़े तनाव और अनलॉक-2 की चर्चा कर सकते हैं।
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कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन में ढील देते हुए सरकार ने पहले ‘अनलॉक-1’ के तहत कुछ ढील दी थीं और अब सरकार ने ‘अनलॉक-2’ की घोषणा की गई है। आइए जानते हैं कि 1 जुलाई से शुरू हो रहे अनलॉक-2 की बड़ी बातें-
- स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान 31 जुलाई तक बंद रहेंगे।
- मेट्रो रेल सेवाएं, सिनेमाघर और जिम भी अभी बंद रहेंगे।
- स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और ऐसे अन्य स्थल भी बंद रहेंगे।
- सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शिक्षण, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य बड़े कार्यक्रमों को अभी मंजूरी नहीं मिलेगी।
- सरकार के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों (वंदे भारत मिशन के तहत), जो अभी सीमित रूप में जारी हैं, उनका चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा।
- गृह मंत्रालय ने साफ कहा है कि नए दिशानिर्देश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से मिले फीडबैक तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और विभागों के साथ गहन विचार-विमर्श पर आधारित हैं।
- इसके अनुसार, कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक लॉकडाउन का कड़ा क्रियान्वयन जारी रहेगा।
- कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद इन क्षेत्रों का चिह्नीकरण सावधानी से करने की आवश्यकता है।
- दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन के भीतर कड़ा नियंत्रण कायम रहेगा और वहां केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगी।
- स्कूल-कॉलेज और कोचिंग इंस्टीट्यूट 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। इसके अलावा डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। इन्हें बढ़ावा दिया जाना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट 15 जुलाई से शुरू किए जा सकेंगे। इसके लिए एसओपी अलग से जारी की जाएगी।
रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लोगों के बाहर जाने पर रोक रहेगी। जरूरी सेवाओं, कंपनियों में शिफ्टों में काम करने वालों, नेशनल और स्टेट हाईवे पर सामान ले जाने वाले वाहन, कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग पर प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। बसों, ट्रेनों और प्लेन से उतरने के बाद लोगों को अपने घर जाने की इजाजत रहेगी। नियमों का पालन करवाने के लिए स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर धारा 144 लागू करने जैसे आदेश जारी कर सकता है।
राज्यों को भी बदलाव के अधिकार
अनलॉक- 2 को लेकर जारी किए गए आदेश में राज्यों को नियमों में बदलाव के अधिकार भी दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि स्थिति के अपने आकलन के आधार पर, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश कंटेनमेंट जोन के बाहर कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं, या आवश्यक समझे जाने पर उन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि व्यक्तियों और वस्तुओं के राज्य के भीतर और अन्य राज्यों में आवाजागी पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। अब इस तरह के आवागमन के लिए अलग से अनुमति/अनुमोदन/ ई-परमिट की आवश्यकता भी नहीं होगी।


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