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उत्तराखंड के ग्रोथ सेंटरों से गांववालों की कितनी बढ़ी आमदनी, सीएम रावत ने की समीक्षा

कोरोना काल में केंद्र ही नहीं, उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस किया है। लगातार किसानों और खासकर शहरों से लौटे प्रवासी श्रमिकों की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के मौके अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास के केंद्र, ग्रोथ सेंटर योजना की समीक्षा की।

आपको बता दें कि ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना ग्रामीण अंचल में लोगों की तरक्की को ध्यान में ही रखकर की गई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रोथ सेंटरों में संबंधित क्षेत्रवासियों की आय में कितनी बढ़ोतरी हुई, ग्रोथ सेंटर में कितना उत्पादन हुआ, इसका आकलन किया जाए। जी हां, सरकार चाहती है कि योजनाओं का धरातल पर कितना असर हुआ, यह भी पता चल सके।

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मुख्यमंत्री ने कहा है कि ग्रोथ सेंटरों के उत्पादों की क्वॉलिटी और ऑनलाइन मार्केटिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे आज के समय में किसी तरह से इससे जुड़े लोग पीछे न रह सकें। अब तक 96 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत किए जा चुके हैं। #VocalForLocal के साथ सीएम ने अपने फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराया है। इसके तहत देश में स्थानीय सामानों को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है।

https://www.facebook.com/625450290808829/posts/3603853799635115/

 

राज्य सरकार सभी न्याय पंचायतों में ऐसे ग्रोथ सेंटर खोलने की दिशा में काम कर रही है। सीएम का कहना है कि स्थानीय संसाधनों के अनुरूप ही ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय किसान अपने उत्पाद यहां बेच सकें। हाल ही में एक कार्यक्रम में सीएम रावत ने कहा था कि राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि किसानों की उत्पादों की बिक्री उनके घर के पास ही हो जाए। ग्रोथ सेंटर बनने से आढ़ती और व्यापारी उत्पाद खरीदने किसान के घर के नजदीक आएंगे। इससे किसान अच्छी कीमत भी पा सकेंगे।

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Hill Mail

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