कोरोना प्रकोप के बाद भी उत्तराखंड में ऑल वेदर चार धाम सड़क परियोजना पर काम तेज हो गया है। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक कर इसकी समीक्षा की गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि आज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर तथा केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह जी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से चारधाम महामार्ग परियोजना की समीक्षा की।
उत्तराखंड में चारधाम को जोड़ने की ऑल वेदर रोड परियोजना को पहाड़ की लाइफलाइन माना जा रहा है। इसका काम पूरा हो जाने के बाद न केवल चारधाम यात्रा सुगम होगी बल्कि इससे पहाड़ के गांवों तक पहुंच आसान होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। चारधाम की सड़कों को 12 महीने सफर के लायक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना बनाने का निर्णय लिया है। दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में इस परियोजना का उद्घाटन किया था।
शुक्रवार को सीएम रावत ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण तक के सड़क मार्ग को तैयार करने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसका प्रस्ताव भेजने को कहा है। आपको बता दें कि दशकों से लंबित पहाड़ की अपनी राजधानी की मांग को त्रिवेंद्र सरकार ने हाल में पूरा किया है। अब आसपास के इलाके को विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण है, जिससे नई राजधानी तक लोगों का आवागमन आसान हो सके। पिछले महीने राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मार्च में ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की थी। अब राजधानी के लिए कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। सीएम का कहना है कि गैरसैंण यानी भराड़ीसैंण को आदर्श पर्वतीय राजधानी का रूप दिया जाएगा। ई-विधानसभा, आधारभूत सुविधाओं का विकास जैसे कार्य शुरू हो गए हैं।
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