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उत्तराखंड राज्य आन्दोलन का मूल उद्देश्य केवल पृथक राज्य बनाना नहीं था, बल्कि पहाड़ की आवश्यकताओं के अनुरूप शासन व्यवस्था स्थापित करना था। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना उसी संकल्प और जनभावना को साकार करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
READ MOREउत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार नजर बनाये हुए हैं। वह डीएम चमोली से गैरसैंण विकास कार्यो की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं।
READ MOREगैरसैंण के एतिहासिक गांव सारकोट पहुंच कर सीएम धामी ने सुनी जन समस्याएं, गांव के विकास के लिए की घोषणाएं।
READ MOREगैरसैंण क्षेत्र में काश्तकारों की ओर से फसलों को वन्य जीवों द्वारा नुकसान पहुंचाने की शिकायत को देखते हुए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जिसके लिए गैरसैंण ब्लॉक के आदिबदरी, खेती और थापली गांवों को मशरूम उत्पादन के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
READ MOREगैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग साठ के दशक में पहली बार उठी थी। इस मांग को उठाने वाले कोई और नहीं, बल्कि पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली थे। यही वजह रही कि उत्तराखंड क्रांति दल ने उस दौर में गैरसैंण को गढ़वाली के नाम पर चंद्रनगर रखा था।
READ MOREआजकल गैरसैंण में विधान सभा का तीन दिन का सत्र चल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ पत्रकारों के शिष्टमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।
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उत्तराखंड राज्य आन्दोलन का मूल उद्देश्य केवल पृथक राज्य बनाना नहीं था, बल्कि पहाड़ की आवश्यकताओं के अनुरूप शासन व्यवस्था स्थापित करना था। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना उसी संकल्प और जनभावना को साकार करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
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उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार नजर बनाये हुए हैं। वह डीएम चमोली से गैरसैंण विकास कार्यो की समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं।
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