भारतीय सेना के प्रसिद्ध पर्वतारोही कर्नल अजय कोठियाल उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के नए प्रधानाचार्य बने। कर्नल कोठियाल 14वें प्रिंसिपल के रूप में एनआईएम की कमान संभाली। उन्होंने कर्नल आई एस थापा का स्थान लिया। कर्नल थापा अप्रैल 2009 से संस्थान में प्रधानाचार्य
भारतीय सेना के प्रसिद्ध पर्वतारोही कर्नल अजय कोठियाल उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के नए प्रधानाचार्य बने। कर्नल कोठियाल 14वें प्रिंसिपल के रूप में एनआईएम की कमान संभाली। उन्होंने कर्नल आई एस थापा का स्थान लिया। कर्नल थापा अप्रैल 2009 से संस्थान में प्रधानाचार्य थे। कर्नल कोठियाल को एनआईएम के प्रधानाचार्य की कमान मिलने के बाद संस्थान पर्वतारोहण प्रशिक्षण के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करेगा। मूलरूप से देहरादून के वसंत विहार के रहने वाले कर्नल कोठियाल को पर्वतारोहण के क्षेत्र में लंबा अनुभव है।
बीस वर्ष की सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने तीन बार सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2012 में संचालित इंडियन आर्मी वुमेन एक्सपीडिशन का नेतृत्व भी कर्नल कोठियाल ने किया था। गढ़वाल राइफल्स की चैथी बटालियन को कमान कर चुके कर्नल कोठियाल इससे पहले सेना मुख्यालय दिल्ली में तैनात थे।
नेहरू इंस्टीटयूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) रक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण संस्थान है। संस्थान का संचालन रक्षा मंत्रालय व राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। रक्षा मंत्री एनआईएम का अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री उपाध्यक्ष होते हैं। तत्कालीन रक्षा मंत्री वाईबी चैहान ने वर्ष 1964 में उत्तरकाशी में एनआईएम की नींव रखी थी। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री सुचिता कृपलानी ने संस्थान की स्थापना हेतु रक्षा मंत्रालय को सहयोग किया था। ब्रिगेडियर ज्ञान सिंह एनआईएम के पहले प्रधानाचार्य बने। संस्थान में सेना व सिविल के पर्वतारोहियों को पर्वतारोहण का प्रशिक्षण मुहैया कराया जाता है। एनआईएम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 60 से अधिक पर्वतारोही सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर चुके हैं।







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