पहाड़ पर भूस्खलन की चपेट में आया पोर्टर, 22 किमी शव लेकर पैदल चले ITBP के जवान

पहाड़ पर भूस्खलन की चपेट में आया पोर्टर, 22 किमी शव लेकर पैदल चले ITBP के जवान

आईटीबीपी के जवानों का फिर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जवानों की बहादुरी की तारीफ हो रही है। लोग उन्हें हीरो बता रहे हैं। दरअसल, एक पोर्टर की भूस्खलन में मौत हो गई और उसका शव घर पहुंचाना मुश्किल था तो जवानों ने कंधे पर ही लेकर चल दिए। पढ़िए पूरी स्टोरी…

पिथौरागढ़ में मवानी-दवानी के रहने वाले भूपेंद्र राणा भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के लिए पोर्टर का काम करते थे। वह राशन और दूसरे जरूरी सामान ऊंचाई पर स्थित कैंपों तक पहुंचाया करते थे। 28 अगस्त को राणा बुगदियार में आईटीबीपी पोस्ट की तरफ जा रहे थे कि रास्ते में भूस्खलन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

परिवार के अनुरोध पर आईटीबीपी ने राणा का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचाने का फैसला किया। खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर की व्यवस्था नहीं हो पाई, ऐसे में आईटीबीपी के 7 जवानों पोर्टर के शव को कंधे पर उठाया और चल पड़े। यह रास्ता कोई एक दो किमी का नहीं, बल्कि पूरे 22 किमी का पहाड़ी और उबड़-खाबड़ रास्ता था।

राणा के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। उनके मित्रों ने परिवार को निधन की खबर तो दे दी थी लेकिन वे सड़क मार्ग से यातायात संभव न होने के कारण वे शव लाने में असमर्थ थे। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विजय कुमार ने मीडिया को बताया कि राणा के मित्रों ने जिला प्रशासन से चॉपर का इंतजाम करने का अनुरोध किया था जिससे शव को लाया जा सके लेकिन खराब मौसम के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।

बहरहाल, आईटीबीपी के जवानों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोग जवानों की प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों को कहना है कि जवान हर संकट में हमारे साथ होते हैं।

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