उत्तराखंड की जीवन रेखा माने जाने वाली चारधाम यात्रा 13 मई से शुरू हो गई। सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। श्रृद्धालुओं व पर्यटकों को परेशानी
उत्तराखंड की जीवन रेखा माने जाने वाली चारधाम यात्रा 13 मई से शुरू हो गई। सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। श्रृद्धालुओं व पर्यटकों को परेशानी ना हो, इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं तथा यात्रा की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिजली, पानी, चिकित्सा, साफ सफाई की व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। किसी प्रकार कमी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में आने वाले श्रृद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि श्रृद्धालुओं की हर सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने तीर्थयात्रियों से यात्रा पर आने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अधिक ऊंचाई वाला क्षेत्र होने के कारण हृदय, श्वास मधुमेह व हाई एल्टीट्यूड संबंधी रोग से पीड़ित व्यक्ति अधिक सतर्कता बरतें। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने में भी विशेष सावधानी रखें।
हिलमेल ब्यूरो







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