जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल और जल पहुंचाने की कवायद में जुटे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इसमें तय समयसीमा का पूरा ध्यान रखा गया। योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष दिसंबर के अंत तक सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता का टॉरेगट हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
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जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जो कनेक्शन दिये जा रहे हैं, उसमें निर्धारित मानकों को पूर्णतः पालन हो। जिलाधिकारी इसकी नियमित निगरानी भी रखें। पानी के नल अडंरग्राउंड किए जाएं। जल जीवन मिशन के तहत निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण हो, इसके लिए जल संस्थान एवं जल निगम द्वारा प्रत्येक दिन का टॉरगेट निर्धारित होना चाहिए। जिलाधिकारी भी कार्यों की प्रगति बैठक समय-समय पर लेते रहें। हर घर नल एवं शुद्ध जल के लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने के लिए संबधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर जिलों में इस दिशा में अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि जो नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ जाएगा। प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में कमी न हो इसके लिए जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण एवं संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास किए जाए। अनुबंध गठन और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया में तेजी लाई जाय। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाने के लिए ठेकेदारों की संख्या बढ़ाई जाए। आवश्यकतानुसार रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएं। ऊधम सिंह नगर एवं हरिद्वार में इस मिशन के तहत बड़ा चैलेंज है, इन जिलों में टॉरगेट समय पर पूरा हो। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए।

सचिव नितेश झा ने बताया कि जल जीवन मिशन के ग्रामीण क्षेत्र में 14.26 लाख कनेक्शन दिए जाने हैं। जिसमें से 3.53 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिसमें से पिछले 06 माह में 1.36 लाख कनेक्शन दिए गए। इस वर्ष चमोली, देहरादून एवं बागेश्वर में हर घर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, अपर सचिव आशीष जोशी, जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारी तथा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।


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