उत्तराखंड के किसानों को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुद्रपुर में इस योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत किसानों को बिना ब्याज के 03 लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा। कुछ किसानों को कर्ज का चैक वितरित करते हुए सीएम रावत ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, इससे पहले किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर 1 लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। किसानों द्वारा इस धनराशि का बेहतर सदुपयोग करने का ही प्रतिफल है कि उनके हित में अब यह धनराशि 3 लाख की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 43 विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया, जिसमें 2578.74 लाख की योजनाओ का लोकार्पण तथा 9444.77 लाख की योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 19 किसानों को दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत तीन-तीन लाख का बिना ब्याज का ऋण व तीन किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के 05 लाख की धनराशि के चेक भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय किस प्रकार से दोगुनी हो इस पर लगातार कार्य कर रही है ताकि हमारे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर सुधरे और उत्तराखंड के किसानों को प्रदेश ही नही देश के स्तर पर एक अलग पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना बीमारी की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी हमारे किसानों ने राज्य में अपने उत्पादों का उत्पादन बढ़ाया है। हमने किसानों का रिकॉर्ड समय में उनके उत्पादों के भुगतान की व्यवस्था की है। 250 करोड़ रूपये का प्रावधान कर रिकॉर्ड समय में गन्ना किसानों का शत प्रतिशत भुगतान किया गया। 10 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय 242 क्रय सेंटरों के माध्यम से किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि किसानों को एक सप्ताह के अंदर धान क्रय का भुगतान कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल आदि के क्षेत्र में लोकहित से जुड़े अनेक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री के 2024 तक हर घर को नल से जोड़ने की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल कनेक्शन 2360 के बजाय एक रूपये में तथा शहरी क्षेत्रों में 6000 के स्थान पर 100 रूपये में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2022 तक हर घर को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। देहरादून और बागेश्वर जनपदों को दिसम्बर तक हर घर को नल से पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर में 10819 कास्कारों को भूमिधरी का अधिकार दिया है और अभी 47630 कास्कारों को भूमिधरी अधिकार देना शेष है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों को लिया गया है, जिसके तहत ऊधमसिंह नगर में 534 गांवों के 57165 लोग अभी तक लाभान्वित हो चुके हैं और 6619 स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं। सीएम रावत ने स्वामित्व योजना के तहत विभिन्न लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के देहरादून और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय तर्ज पर बनाया जाएगा, वहीं 11 सौ एकड भूमि में ग्रीन एयरपोर्ट बनेगी। यह एयरपोर्ट इंटरनेशनल होगा। जो ऊधमसिंह नगर को पूरी दुनिया को जोड़ेगा, जिससे यहां का चहुमुखी विकास होगा और अपार रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेजो का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो शीघ्र ही आम जनता को समर्पित कर दिए जाएंगे।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होने मुख्यमंत्री का अभार जताते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल सहकारिता किसान कल्याण योजना का शुभारंभ करने के लिए ऊधम सिंह नगर जिले को चुना। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने कहा कि सरकार निरंतर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, पुष्कर सिंह धामी, हरभजन सिंह चीमा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेनू गंगवार, राज्य दर्जा मंत्री सुरेश परिहार, मेयर रामपाल सिंह, विधायक लालकुआं नवीन दुम्का, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी, आईजी कुमांऊ अजय रौतेला, जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुवंर मौजूद थे।


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