केदारनाथ में फिर से बाबा के जयकारे गूंजेंगे। शंकराचार्य, रावल, स्थानीय तीर्थ पुरोहित, संत समाज व मंदिर समिति ने आपसी सहमति से मंदिर में पूर्व की भांति पूजा अर्चना के लिए 11 सितम्बर का दिन निर्धारित किया है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग को
केदारनाथ में फिर से बाबा के जयकारे गूंजेंगे। शंकराचार्य, रावल, स्थानीय तीर्थ पुरोहित, संत समाज व मंदिर समिति ने आपसी सहमति से मंदिर में पूर्व की भांति पूजा अर्चना के लिए 11 सितम्बर का दिन निर्धारित किया है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग को शुभ मानते हुए पूजा पुनः प्रारम्भ करवाने को सैद्धांतिक सहमति बनी है। पूजा में किसी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए केदारनाथ में करीब सौ लोगों के रहने के लिए प्री-फेब्रिकेटेड आवास का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में सरकार ने इस फैसले पर सैद्धान्तिक स्वीकृति दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर समिति द्वारा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह व सभा मण्डप में मलबे की सफाई की जा चुकी है। इसके दरवाजे भी लगाए जा चुके हैं। नंदी की मूर्ति के पास चबूतरा भी बनाया जा चुका है। आस्था के केंद्र केदारनाथ में पूजा प्रारम्भ करवाने के साथ ही इस कार्य में लगे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने केदारनाथ में लोहे का पुल, रेलिंग सहित लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देशित किया। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी दिलीप जावलकर को केदारनाथ में दो माह का राशन व अन्य आवश्यक वस्तुएं भिजवाने को कहा ताकि वहां कार्यरत मंदिर समिति के पदाधिकारी व पुरोहित, पुलिस व प्रशासन के कार्मिकों को दिक्कत ना हो।
विजय बहुगुणा ने बैठक में उपस्थित श्री केदारनाथ के रावल भीमाशंकरलिंग, शंकराचार्य के प्रतिनिधि सुबोधानंद सहित स्थानीय तीर्थ पुरोहितों व मंदिर समिति के पदाधिकारियों से पूजा प्रारम्भ करवाने के बारे में उनकी राय जानी। सभी ने एक स्वर में कहा कि 11 सितम्बर को सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग बन रहा है। इस दिन पूजा प्रारम्भ करने में किसी को कोई आपŸिा नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने भी राज्य सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति दी। उन्होंने अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में एक बैठक और बुलाए जाने के निर्देश दिए जिसमें आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने डीएम रूद्रप्रयाग को केदारनाथ के लिए वैकल्पिक पैदल मार्ग चिन्हित करने को भी कहा। यूसेक के निदेशक डा. एमएम किमोठी ने केदारनाथ में वैकल्पिक मार्गों पर थ्रीडी प्रस्तुतिकरण दिया।
हिलमेल ब्यूरो







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