Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ Negetive नहीं Positive, ये भी तो हैं उत्तराखंड के मॉडल स्कूल!
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

Negetive नहीं Positive, ये भी तो हैं उत्तराखंड के मॉडल स्कूल!

सियासी गलियारों में एक जुमला बड़ा चलता है, ‘सुविधा की राजनीति’ यानी उतना ही कहो या दिखा दो, जितने में अपना फायदा हो जाए। इन दिनों उत्तराखंड में कुछ ऐसा ही हो रहा है। स्कूली शिक्षा के सबसे अच्छे मॉडल पर चर्चा गर्म है। बहस-मुबाहिस के लिए खम ठोके जा रहे हैं, अपने मॉडल को ऐसे पेश किया जा रहा है, जैसे दूसरे तो कुछ कर ही नहीं रहे। लेकिन राजनीति के इन दांव-पेचों में उन हजारों शिक्षकों की मेहनत को ‘कमतर’ आंका जा रहा है, जो तमाम कठिन हालात के बावजूद बदलाव लाने की मुहिम में जुटे हैं।

उत्तराखंड एक अलग तरह का राज्य है, उसके सामने कई तरह की भौगोलिक चुनौतियां हैं। परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन ऐसा तो नहीं है कि यहां के स्कूलों में काम नहीं हो रहे। काम हो रहे हैं, दुर्गम से दुर्गम इलाकों में काम हो रहे हैं। लेकिन सियासी फायदे के लिए ऐसी तस्वीर पेंट की जा रही है कि उत्तराखंड के स्कूलों में कुछ नहीं हो रहा। ऐसा नहीं है कि सबकुछ बहुत अच्छा हो गया है, लेकिन काम हो रहा है। बदलाव आ रहा है, इसकी तस्दीक उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों के स्कूलों की तस्वीरें करती हैं।

उत्तराखंड के स्कूलों की चमकदार कहानियां 

दिल्ली के स्कूलों को टक्कर दे रहा उत्तराखंड के दुर्गम इलाके चोपता का यह सरकारी स्कूल

हिल-मेल ने समय-समय पर उत्तराखंड के स्कूलों के बदलते स्वरूप की कई कहानियां सामने रखी हैं। फिर चाहे वह चमोली जिले के विकास खंड नारायणबगड़ स्थित चोपता गांव का एक सरकारी स्कूल हो, पिथौरागढ़ के चिट्गल का राजकीय प्राथमिक विद्यालय हो, पौड़ी के यमकेश्वर के धारकोट का प्राथमिक विद्यालय हो, अल्मोड़ा के बजेला का प्राथमिक विद्यालय हो या टिहरी के गरखेत का जीआईसी। बदलाव की कहानियां हर तरफ फैली हैं।

दो महिला शिक्षकों ने कोरोना काल में यमकेश्वर के धारकोट प्राइमरी स्कूल का किया कायाकल्प

 

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles