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चमोली आपदाः उत्तराखंड के 42 घरों में गुजरते वक्त के साथ बढ़ रही बेचैनी, लापता लोगों की पूरी लिस्ट देखिए

उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा के बाद गुजरते वक्त के साथ बेचैनी बढ़ती जा रही है। उत्तराखंड के 42 परिवार ऐसे हैं, जिनका सदस्य इस आपदा के बाद से लापता है। रैणी गांव में ग्लेशियर टूटने से आई आपदा में मारे गए 18 लोगों के शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं।

उत्तराखंड, यूपी, झारखंड, बिहार, पंजाब, पश्चिम बंगाल, नेपाल, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा के तकरीबन 202 व्‍यक्ति लापता हैं। इनकी तलाश के लिए युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने चमोली आपदा में लापता 115 लोगों की पहली सूची जारी की है। इनके अलावा 7 लापता लोग फिलहाल अज्ञात हैं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। लापता लोगों की सूची में सबसे ज्यादा नाम उत्‍तर प्रदेश के श्रमिकों के हैं। ये श्रमिक आपदा के वक्त वहां कार्य कर रहे थे।

यह भी देखें – सीएम रावत ने इसरो के हवाले से बताया कैसे आई आपदा, गोमुख क्षेत्र में गंगोत्री ग्लेशियर की निगरानी के लिए वाडिया संस्थान को बजट जारी

राज्यवार लापता लोगों का विवरण

उत्तराखंड- 42
उत्तरप्रदेश-46
झारखंड-13
पंजाब-04
बिहार-03
नेपाल-03
पश्चिम बंगाल- 02
जम्मू और कश्मीर- 01
ओडिशा- 01

रात भर जारी रहा बचाव अभियान

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रविवार को आई बाढ़ में लापता लोगों की तलाश का काम सोमवार देर रात तक जारी रहा। जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है मलबे या सुरंग के अंदर जीवन की आस भी धूमिल होती जा रही है। 70 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी सुरंग और मलबे में फंसे लोगों का कुछ पता नहीं लग सका है। तपोवन जल विद्युत परियोजना की मुख्य सुरंग (13 किमी बननी है) पर तपोवन और सेलंग से काम चल रहा था। सेलंग से मशीन से करीब छह किमी सुरंग बन चुकी है, जबकि तपोवन की तरफ से मजदूर सुरंग बनाने में जुटे थे और तीन किमी सुरंग बन चुकी थी। इस सुरंग में कंपनी के 35 मजदूर और तीन इंजीनियर फंसे हैं। बचाव दल का सबसे अधिक फोकस इसी सुरंग से मलबा हटाने पर है, लेकिन पानी और गाद के कारण रेस्क्यू में परेशानी हो रही है। मशीन से गाद हटाते ही पीछे से और गाद आ रही है। पूरा दिन ऐसे ही चलता रहा, जिस कारण बचाव दल टनल के अंदर तक नहीं पहुंच पा रहा है। सुरंग के अंदर फंसे लोगों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।

ITBP ने रात भर जारी रखा बचाव अभियान

भारत तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) ने सोमवार देर रात भी अपना बचाव अभियान लगातार जारी रखा। आईटीबीपी ने वीडियो टवीट कर कहा कि उसका बचाव अभियान रात भर जारी रहेगा।

योगी सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा में प्रदेश के प्रत्येक मृतक के आश्रितों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए हैं। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लापता व्यक्तियों की खोज-बचाव की कार्यवाही में जमीनी तालमेल के लिए एक टीम को उत्तराखंड भेजने और गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा को उत्तराखंड सरकार से समन्वय बनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड में आई आपदा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य सरकार से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने नागरिकों सहित सभी प्रभावितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा को उत्तराखंड सरकार से समन्वय स्थापित कर प्रदेश के प्रभावित व लापता व्यक्तियों की खोज-बचाव की कार्रवाई का पर्यवेक्षण करने को कहा है। योगी ने सहारनपुर के मंडलायुक्त तथा आईजी जोन को पूरी सक्रियता के साथ खोज-बचाव तथा राहत कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार से संपर्क स्थापित कर उनकी हर संभव मदद की जाए।

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Hill Mail

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