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सीएम रावत ने इसरो के हवाले से बताया कैसे आई आपदा, गोमुख क्षेत्र में गंगोत्री ग्लेशियर की निगरानी के लिए वाडिया संस्थान को बजट जारी

उत्तराखंड में ग्लेशियरों से होने वाली संभावित आपदा के मद्देनजर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोमुख क्षेत्र के अंतर्गत गंगोत्री हिमनद (ग्लेशियर) की निगरानी के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान को बजट आवंटित करने पर सहमति दी है। राज्य सरकार की ओर से संस्थान के निदेशक से शीतकालीन मौसम के दौरान गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में किसी भूस्खलन या कृत्रिम झील आदि के निर्माण के निरीक्षण के लिए एक टीम भेजने का अनुरोध किया गया था। इसके लिए वाडिया संस्थान ने राज्य सरकार से 12 लाख रुपये की मांग की थी। साथ ही यह भी जानकारी दी थी कि माननीय उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के अनुसार शीतकालीन मौसम के दौरान इस क्षेत्र का निरीक्षण करना भी महत्वपूर्ण है। सीएम रावत ने इस मामले में बिना देरी किए तत्काल 12 लाख की मंजूरी के आदेश कर दिए हैं।

सीएम रावत ने बताया क्यों आई आपदा

सीएम रावत ने बताया कि उनकी सेना, आईटीबीपी, नासा के वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन से जुड़े हुई अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई है। इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि दो-तीन दिन पहले जो बर्फ वहां पर गिरी थी, यह एक जगह से खिसक गई, इसके चलते ये आपदा आई है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसा नहीं लगता कि कोई ग्लेशियर टूटा है। यह एवलांच की दिशा से संवेदनशील इलाका नहीं है। इसरो ने दो तीन पहले की तस्वीरें के आधार पर यह बात कही है।

 

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6 जिलों को आपदा प्रबंधन बजट

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत, उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के लिए वित्तीय वर्ष 20-21 में जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के संचालन के लिए बजट आवंटन पर मोहर लगा दी है। इसके तहत आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अंतर्गत पारिश्रमिक मद में 7.83 लाख और परिचालन केंद्र के तहत 11 लाख की धनराशि अवमुक्त करने को मंजूरी दी गई है। तहसील चमोली के ग्राम रोपा के अति संवेदनशील 3 प्रभावित परिवारों को अन्यत्र विस्थापित करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है।

पुनर्वास नीति के तहत नई सुरक्षित स्थान पर तीनों परिवारों को पुनर्वासित किए जाने के प्रस्ताव पर आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में पहले ही सहमति दी जा चुकी है। इस प्रस्ताव का परीक्षण कर इसे उचित पाया गया। राज्य पुनर्वास समिति की बैठक में इसका अनुमोदन भी किया गया।

मोरी में पुल के लिए धनराशि मंजूर

सीएम रावत ने उत्तरकाशी के विकासखंड मोरी के अंतर्गत बड़गाड़-घन्डूगाडखड्ड पर लॉग ब्रिज का पुनर्निर्माण करने के लिए आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विभाग के प्रस्ताव पर 4 लाख रुपये की राशि के आवंटन को स्वीकृति दी गई थी। हालांकि यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष में जारी की गई थी। पर कोरोना काल और मौसम की विविधता के कारण विभाग यह राशि 19-20 में खर्च नहीं कर सका। इस पर विभाग ने वर्ष 20-21 में इस जारी को दोबारा से जारी करने का प्रस्ताव रखा। जिस पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता की परेशानी को देखते हुए तत्काल इसका अनुमोदन दे दिया है।

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