27 सितम्बर ‘विश्व पर्यटन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। पर्यटन एक ऐसी यात्रा है जो मनोरंजन या फुरसत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार पर्यटक वे लोग हैं जो यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं।
‘विश्व पर्यटन दिवस’ के अवसर पर हिमगिरी ज़ी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विभाग एवं होटल प्रबंधन विभाग द्वारा एक कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एस. सी. बागड़ी ने किया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण एक दूसरे पर निर्भर हैं। देश का ज्यादातर पर्यटन उन क्षेत्रों में होता है जो पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड आपदा का उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यावरण से हो रही छेड़छाड़ को रोका जाना चाहिए एवं उसे संरक्षित किया जाना चाहिए। ऐसा करने से पर्यटन उद्योग को स्वतः ही बढ़ावा मिलेगा।
प्रो. बागड़ी ने होटल प्रबंधन एवं प्रबंधन के छात्र-छात्राओं से पर्यटन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए एवं पर्यटन उद्योग की बारीकियों से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग पूरी तरह से पर्यटकों पर निर्भर है इसलिए इस व्यवसाय में आपके पास आने वाले पर्यटकों का स्वागत अतिथि देवोः भवः की परम्परा के साथ होना चाहिए।
इससे पूर्व प्रो. बागड़ी जी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। होटल प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सुबोध चैधरी एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. देवकांत काला ने स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने भी पर्यटन उद्योग के मौजूदा हालात और उद्योग को बढ़ावा देने हेतु अपने विचार भी रखे।
हिलमेल ब्यूरो


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