कोरोना काल में तमाम चुनौतियों से जूझने के बाद अब श्री बदरीनाथ के दर्शन का इंतजार खत्म होने वाला है। बसंत पंचमी पर नरेन्द्रनगर राज-दरबार में आयोजित समारोह में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। इसके मुताबिक बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे।
बदरानाथ धाम खुलने को लेकर तैयारियां पहले से शुरू हो गई हैं। आज जैसे ही तारीख का ऐलान हुआ, लोग सोशल मीडिया पर जय बद्री विशाल लिखते हुए अपने मन की भावनाएं व्यक्त करने लगे। चमोली में आई आपदा के कारण सैकड़ों परिवारों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। भगवान बदरीनाथ से लोगों के लिए मंगल कामनाएं की जा रही हैं।
हाल में बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने बताया कि भगवान बद्रीनाथ की पूजा-अर्चना के दौरान भी लापता लोगों की सलामती के लिए निरंतर प्रार्थनाएं की जा रही हैं। आपदा में लापता लोगों के परिजन बिहार जैसे दूरदराज के इलाकों से जोशीमठ पहुंचे हैं।
चमोली आपदा अपडेट-
DGP अशोक कुमार ने बताया कि तपोवन, रैणी क्षेत्र में जो सर्च और बचाव अभियान चल रहे हैं वो निरंतर चलते रहेंगे। मलबा हटाने का काम 3-4 दिन में पूरा हो जाएगा। लेकिन हमारा ऑपरेशन तब भी जारी रहेगा। डिप्टी SP, चमोली ने कहा है कि तपोवन टनल में हम 145 मीटर तक जा चुके हैं। वहां थोड़ा पानी निकल रहा है इसलिए हम पंप लगाकर वहां से पानी बाहर निकाल रहे हैं। रात में 2 शव मिले थे। कुल 58 शव मिल चुके हैं। तपोवन और रैणी में सर्च और बचाव अभियान चल रहा है।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे। बसंत पंचमी पर नरेन्द्रनगर राज-दरबार में आयोजित समारोह में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। pic.twitter.com/BcdUnxBFzM
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) February 16, 2021


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