राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी तबीयत खराब होने के कारण भले ही अस्पताल में रहते हुए लोगों से दूर रहे हों पर स्वस्थ होते ही वह विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुट गए हैं। उनकी पहल पर रेल मंत्रालय ने कोटद्वार – दिल्ली के मध्य चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का नाम सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस रखा और टनकपुर- दिल्ली के मध्य चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का नाम पूर्णागिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस हो गया है। कोरोना काल की परेशानी हो, चमोली आपदा या लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर यात्रा की पहल अपने कार्यों की वजह से ही वह जनता के चहेते बने हुए हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल बलूनी ने एक पत्र शेयर करते हुए बताया है कि पौड़ी गढ़वाल के कोट मंडल के अंतर्गत उन्हें उनके गांव का पन्ना प्रमुख बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है। ये हमारी पार्टी की विशेषता है कि पार्टी के हर कार्यकर्ता दिन-रात जनता के साथ उसके सुख-दुःख में साझीदार रहते हैं और पार्टी की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करते रहते हैं।
अनिल बलूनी अपने गांव से भी जुड़े हुए हैं। जब भी मौका मिलता है वह अपने गांव जाकर लोगों से मिलते हैं और पूजा करते हैं। पौड़ी जिले में स्थित अपने गांव में उन्होंने BJP के ‘अपना बूथ सबसे मज़बूत‘ अभियान क़ी शुरुआत की।
आज बुधवार को पौड़ी-गढ़वाल स्थित अपने पैतृक गाँव में 'अपना बूथ, सबसे मजबूत' अभियान की शुरुआत की।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में @BJP4India जन-सेवा, जन-कल्याण और उत्तराखंड सहित सम्पूर्ण देश के विकास के लिए पूर्णतया समर्पित है।@BJP4UK pic.twitter.com/Lr5FSkUVSd
— Anil Baluni (@anil_baluni) February 24, 2021
उत्तराखंड में आई आपदा को लेकर उन्होंने राज्यसभा में शून्यकाल में अपना विषय रखते हुए सरकार से आग्रह किया कि हिमालय और ग्लेशियरों के स्वभाव को लेकर गहन अध्ययन होना चाहिए और दीर्घकालिक कार्य योजना बननी चाहिए ताकि समय रहते आपदा प्रबंधन का एक वैज्ञानिक व प्रभावी तंत्र विकसित हो सके।
सांसद श्री @anil_baluni से भेंट हुई। इस क्षेत्र के प्रति आपकी चिंता सराहनीय है। हम इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे। https://t.co/U5fBdEfFEF
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 17, 2021
इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भेंट कर उत्तराखण्ड (लिपुलेख) से निर्बाध रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रारंभ करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अभी तक सीमित संख्या में लगभग 1100 श्रद्धालु ही प्रतिवर्ष यात्रा कर पाते हैं। मेरा प्रयास है कि पंतनगर और नैनीसैनी (पिथौरागढ़) हवाई अड्डों का विस्तार करके तथा पंतनगर से लिपुलेख तक ऑलवेदर का निर्माण कर हम इस पवित्र यात्रा को सुगम तथा विराट स्वरूप देकर राज्य के पर्यटन और आर्थिकी का कायाकल्प कर सकते हैं। यह संकल्प राज्य की समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा।
उनका कहना है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा अभी नेपाल के जरिए होती है। उत्तराखंड से हजार लोग विदेश मंत्रालय के द्वारा भेजे जाते हैं। बड़ी संख्या में लोग नेपाल के रास्ते जाते हैं तो वहां की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। मेरा कहना है कि लिपुलेख तक मार्ग बन रहा है तो इसे मजबूत किया और अगर कुमायूं के जरिए लाखों लोग जाएंगे तो पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। मैंने ऑल वेदर रोड, एयर कनेक्टिविटी की बात की है। इससे पूरे पहाड़ की तस्वीर बदल जाएगी।

पैतृक गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत



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