महाशिवरात्रि के अवसर पर हरिद्वार में महाकुंभ 2021 का पहला शाही स्नान हुआ। शाही स्नान के लिए उत्तराखंड पुलिस के बैंड ने नमो शिवाय की धुन बजाकर साधुओं का स्वागत किया। हर की पौड़ी पर सिर्फ साधु-संत ही स्नान कर रहे हैं। रथों पर सवार होकर अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वर हरकी पैड़ी पहुंचे।
जूना अखाड़े के सहयोगी के रूप में किन्नर अखाड़ा ने आज हरिद्वार महाकुंभ में पहली बार शाही स्नान किया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में 13 रथों पर सवार किन्नर जुलूस में शामिल हुए। 100 से अधिक किन्नरों ने ब्रह्मकुंड पर शाही सन्ना किया।

जूना और किन्नर अखाड़े की छावनी ललतारौ पुल के पास बनी है। जबकि अग्नि और आह्वान अखाड़े की छावनी मायादेवी मंदिर परिसर में है। निरंजनी और आनंद अखाड़े की छावनी सेफ पार्किंग में बनी है। महानिर्वाणी की कनखल और अटल अखाड़े की छावनी बंगाली मोड़ के पास बनी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरकी पैड़ी पहुंच कर मां गंगा से प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। शाही स्नान पर पहुंचे साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इससे पहले, उन्होंने स्नान करने वाले साधुओं पर पुष्प वर्षा भी की।



तीर्थनगरी के कई घाटों पर महाशिवरात्रि पर्व और महाकुंभ के पहले शाही स्नान पर श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला भी जारी रहा। देर रात से हाईवे जाम हैं और श्रद्धालु पैदल गंगा घाटों पर पहुंचे। सुबह तड़के से ही हरकी पैड़ी पर जबरदस्त भीड़ लगी है। श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। संतों का स्नान शुरू होने पर हरकी पैड़ी के घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया।

श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने भी सम्मान स्वरूप मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट की। सीएम रावत ने कुंभ मेले में पहुंचे सभी साधु-संतों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा के लिए हमारी सरकार ने सभी इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में जनता के लिए किसी तरह की रोक-टोक नहीं है। उन्होंने सभी से कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।


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