धौलादेवी विकासखंड के राजकीय प्राथमिक स्कूल बजेला के शिक्षक भास्कर जोशी एक बार फिर चर्चा में हैं। जी हां, उनके नेतृत्व में स्कूल और आसपास के इलाके में प्रदूषण रोकने, पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने और प्लास्टिक कूड़े को कम करने के लिए स्कूल के स्तर नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के टाइड टर्नर प्लास्टिक चैलेंज में भास्कर जोशी ने चैंपियन लेवल प्राप्त किया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ओर से ई-प्रमाण पत्र भी मिला।
भास्कर जोशी ने खुद बताया कि छात्र पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हों और इसके संरक्षण को आगे आएं, इन्हीं उद्देश्यों के साथ विद्यालय में प्लास्टिक कूड़ा निस्तारण को लेकर नवाचार कर रहे हैं जिनमें प्रमुख है इको ब्रिक, कबाड़ से जुगाड़, रैली, नुक्कड़ नाटक। UNEP
की चुनौती को स्वीकार किया और चैंपियन लेवल प्राप्त किया।
अपने आस पास फैले प्लास्टिक कूड़े को विभिन्न नवाचारी गतिविधियों का उपयोग करते हुऐ व्यक्तिगत स्तर पर प्लास्टिक फुटप्रिंट्स कम करने के लिए बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है यदि आपके पास भी कुछ अन्य उपाय हो तो साझा अवश्य करें।इको ब्रिक्स , किचन गार्डन,रचनात्मक सामग्री,प्लास्टिक वाल pic.twitter.com/7vBRgOAOaW
— Bhaskar Joshi (@_Bhaskar_Joshi) April 12, 2021
अब चैंपियन लेवल प्राप्त करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। टाइड टर्नर प्लास्टिक चैलेंज दुनियाभर में प्लास्टिक प्रदूषण से लड़ने के लिए एक युवा आंदोलन है। इसे युवा और वयस्कों को प्लास्टिक कूड़ा घटाने के उपाय खोजने के लिए प्रेरित करने के लिए गठित किया गया है।
छात्र पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हों और इसके संरक्षण को आगे आएं ,इन्ही उद्देश्यों के साथ विद्यालय में प्लास्टिक कूड़ा निस्तारण को लेकर नवाचार गतिमान है जिनमें प्रमुख है इको ब्रिक,कबाड़ से जुगाड़,रैली,नुकड़ नाटक , @UNEP की चुनौती को स्वीकार किया और चैंपियन लेवल प्राप्त किया।🇮🇳 pic.twitter.com/h9N41VzL0J
— Bhaskar Joshi (@_Bhaskar_Joshi) April 10, 2021
इस अभियान में भास्कर जोशी ने कबाड़ से जुगाड़, ईको ब्रिक निर्माण, प्लास्टिक कूड़े से रचनात्मक सामग्री का निर्माण, प्लास्टिक की बोतल से किचन गार्डन निर्माण, नुक्कड़ नाटक आदि मुहिम चलाई है।


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