महाराष्ट्र, दिल्ली के बाद देश के दूसरे राज्यों में भी कोरोना केस बड़ी संख्या में बढ़ने से स्थिति विकराल हो गई है। आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से छोटा पहाड़ी प्रदेश होने के बाद भी उत्तराखंड में 20 अप्रैल की शाम में जो रिपोर्ट आई, उसके आंकड़े डरा रहे हैं। उत्तराखंड में 24 घंटे में पहली बार 3 हजार से ज्यादा नए मरीज बढ़े हैं। 27 लोगों की मौत हो गई है। सैंपल पॉजिटिविटी रेट करीब 4 प्रतिशत और रिकवरी 80 प्रतिशत से ज्यादा है।
उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा केस पहले की तरह देहरादून से 999 और उसके बाद हरिद्वार से 796 आए हैं। इसके बाद उधम सिंह नगर से 565 और नैनीताल से 258 नए मरीज बढ़े हैं। हरिद्वार कुंभ को आगे प्रतीकात्मक रखने की साधु-संतों की घोषणा हुई है पर हाल में यहां से भी केसेज बढ़े हैं।
ऐसे में प्रदेश सरकार को और सख्ती बरतनी पड़ रही है, जिससे कोरोना के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। राज्य में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन ने एक और नई गाइडलाइंस जारी की है इसमें रात्रि कर्फ्यू का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब शाम 7:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक का कर्फ्यू रहेगा इस दौरान कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल सकता।
जानिए नई गाइडलाइंस की बड़ी बातें (corona guidelines in uttarakhand)
– सभी धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक आयोजनों, विवाद आदि में अब 100 लोग से ज्यादा नहीं शामिल हो सकते। हालांकि कुंभ मेले को इससे अलग रखा गया है।
– सार्वजनिक वाहन जैसे बस, विक्रम, ऑटो, रिक्शा आदि में 50 प्रतिशत यात्री ही बैठ सकेंगे।
– सभी सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट और बार 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होंगे।
– समस्त जिम, स्विमिंग पूल, स्पा पूरी तरह से बंद रहेंगे।
– राज्य स्तर के सभी सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।
– शहरी क्षेत्र में जरूरी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को छोड़कर बाकी दोपहर 2 बजे से ही बंद कर दिए जाएंगे।
– पूरे राज्य में प्रत्येक रविवार को पूर्ण रूप से कर्फ्यू रहेगा। बाकी हफ्ते के 6 दिनों में शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। जरूरी कार्यों से जुड़े लोगों को इससे छूट मिलेगी।
– राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों को उत्तराखंड स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा और ऐसे लोग वापसी पर स्वयं को होम क्वारंटीन करेंगे।
– विभिन्न विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों (पुलिस विभाग को छोड़कर) के अवकाश सीधे निदेशालय से स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। संबंधित जिले के जिलाधिकारी ही अवकाश स्वीकृत करने के लिए सक्षम होंगे।
ये गाइडलाइंस आज से लागू हो गई है।


1 Comment