केदारनाथ घाटी में लगातार खराब मौसम होने के कारण यहां चल रहे कार्य में काफी बाधा आ रही है इसके बावजूद स्पेशल टास्क फोर्स और एनआईएम की टीम रास्ता बनाते हुए केदारनाथ मंदिर तक पहुंच गई है। फौरी तौर पर चलने लायक रास्ता बना दिया गया है। हालांकि रास्ते में जमी बर्फ को हटाने का काम अब भी जारी है। केदारपुरी में तीन-चार फुट बर्फ जमी है। बेस कैंप और धाम में मजदूरों और कर्मियों को बर्फ पिघलाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एसटीएफ के कमांडर डीआईजी जीएस मार्तोलिया और एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में मजदूर रास्ते से बर्फ हटाते हुए केदारनाथ तक पहुंच गये हैं। रामबाड़ा में लोक निर्माण विभाग ने पुल निर्माण के लिए एबटमेंट खड़े कर दिये हैं और उम्मीद है कि कुछ दिनों बाद पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
इस समय सरकार ने स्पेशल टॉस्क फोर्स को रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग से बर्फ हटाने व रास्ता तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। इसमें नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के लोग बर्फ हटाने में जुटे हैं, लेकिन आने वाले यात्रा सीजन में लोनिवि को रास्ता बनाना होगा, जो कि लोनिवि के बस से बाहर है।
इसके अलावा रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच पैदल मार्ग को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही लिनचोली में एमआई-17 हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए हेलीपैड का निर्माण कर दिया जाएगा।
निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि लिनचोली से आगे रास्ते में ग्लेशियर व बर्फ अधिक जमी है। यहां धूप कम आने से हमेशा बर्फ जमी रहती है, जबकि सामने वाली पहाड़ी जिस पर पुराना रास्ता था वहां ऐसी स्थिति नहीं है।
पिछले साल सितम्बर में बनाए गए इस मार्ग पर उस समय बर्फबारी जैसी दिक्कत नहीं थी, लेकिन इस समय यात्रा शुरू होने से पूर्व तैयार किए उक्त मार्ग से बर्फ हटाने में टॉस्क फोर्स को खासी मेहनत करनी पड़ रही है। जिस पहाड़ी पर यह रास्ता है वहां धूप कम आती है। इससे बर्फ जम जाती है जो मई के अंत तक रहती है। ऐसे में मई तक केदारनाथ के दर्शन के लिए भक्तों को ग्लेशियरों से होकर जाना पड़ेगा। लिनचोली से केदारनाथ वाले पैदल मार्ग पर यह समस्या प्रत्येक वर्ष बनी रहती है।
इस मार्ग पर बर्फबारी व ग्लेशियरों की समस्या को देखते हुए केदारनाथ के दूसरे विकल्पों पर विचार करना जरूरत है। त्रिजुगीनारायण से तोषी होते केदारनाथ पैदल मार्ग विकल्प के रूप में सबसे उपयुक्त हो सकता है।
हिलमेल ब्यूरो


Leave a comment