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नई सरकार से उम्मीदें

26 मई का दिन इतिहास में अनेक बदलाओं के लिए जाना जाएगा। इसी दिन नरेन्द्र मोदी ने भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। यह पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में सार्क देशों के सभी प्रमुख नेताओं ने

The President, Shri Pranab Mukherjee administering the oath of office of the Prime Minister to Shri Narendra Modi, at a Swearing-in Ceremony, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on May 26, 201426 मई का दिन इतिहास में अनेक बदलाओं के लिए जाना जाएगा। इसी दिन नरेन्द्र मोदी ने भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। यह पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में सार्क देशों के सभी प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया हो। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अगले दिन हैदराबाद हाउस में सार्क देशों के नेताओं से मुलाकात की। लेकिन सब लोगों की नजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के साथ होने वाली बातचीत पर लगी हुई थी।

भारतीय विदेश सचिव सुजाता सिंह ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने ‘सीमापार आतंकवाद’ के मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान को चरमपंथी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल न होने देने का उसका वादा याद दिलाया। प्रधानमंत्री ने मुंबई में 2008 के चरमपंथी हमले का मुकदमा जो कि बड़ी धीमी गति से चल रहा है उस मुद्दे को भी उठाया।

पाकिस्तान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी भारतीय मीडिया को सम्बोधित किया उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास विकास और आर्थिक प्रगति के एक जैसे मुद्दे हैं, जो इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के बिना नहीं हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, हमें संघर्ष की बजाय सहयोग का रास्ता अखतियार करना चाहिए।

नवाज शरीफ ने इस मुलाकात को ऐतिहासिक और दोतरफा संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 1999 में लाहौर बस यात्रा से दोनों देशों के बीच नये सम्बन्धों की शुरूआत हुई थी और ऐसा ही अब आगे किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान तैयार है।

The President, Shri Pranab Mukherjee, the Vice President, Shri Mohd. Hamid Ansari and the Prime Minister, Shri Narendra Modi with the Heads of SAARC countriesभारतीय प्रधानमंत्री ने इससे पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम और नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से भी मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात में हेरात में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पर हमले को विफल बनाने में अफगान सुरक्षा बलों के सहयोग की प्रशंसा की और अफगानिस्तान के विकास एवं पुनर्निर्माण में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि 23 मई को हेरात में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पर हुए हमले के पीछे चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। करजई ने कहा कि यह जानकारी उन्हें एक पश्चिमी खुफिया एजेंसी से मिली।

अफ़गानिस्तान की स्थिति को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा का मानना है कि वहां स्थित अब भी बहुत खतरनाक है। बराक ओबामा अभी कुछ दिन पहले अचानक ही अफगानिस्तान दौरे पर गये थे। उन्होंने अफगानिस्तान में मौजूद अमेरिकी सैनिकों से बात करते हुए कहा कि मेरा यहां आने का एक मात्र मकसद आपके असाधारण सेवा के लिए धन्यवाद देना है।

अभी कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खूंखार आतंकी गुट तालिबान अपना निशाना बना सकता है। तालिबान के ट्रेनिंग कैंप के कुछ वीडियो फुटेज के आधार पर यह दावा किया गया है।

एक टीवी चैनल कीThe Prime Minister, Shri Narendra Modi with the Prime Minister of Pakistan, Mr. Nawaz Sharif, in New Delhi on May 27, 2014 रिपोर्ट के अनुसार भारत में सक्रिय इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों के राजस्थान और आजमगढ़ मॉड्यूल से जुड़े कई लोगों को तालिबान के कैंपों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को भी इसकी पुख्ता सूचना हाथ लग चुकी है कि आतंक का राजस्थान मॉड्यूल पाकिस्तान- अफगानिस्तान सीमा से मदद पा रहा है।

इसी साल 23 मार्च को राजस्थान के जयपुर, अजमेर और उदयपुर में छापेमारी करके दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 10 से ज्यादा इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी के आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें आइएम का चीफ तहसीन भी शामिल था।

चैनल के मुताबिक अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर हमले के पीछे भी इस बात का संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि तालिबान के टारगेट में भारत की नई सरकार और उसके मुखिया नरेंद्र मोदी हैं।

देश में 16वीं लोकसभा के चुनाव शान्तिपूर्ण सम्पन्न हो गये। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी वाले गठबंधन ने तीन सौ से भी ज्यादा सीटें जीती, अकेले बीजेपी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ। इस बार के चुनावों में लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया, खासकर युवाओं ने। इन चुनाओं में नरेन्द्र मोदी ने लोगों से कई वादे किये हैं, क्या वह उन वादों को पूरा करने में सक्षम होगें ?

नई सरकार के सामने सीमापार आतंकवाद, आन्तरिक सुरक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अर्थव्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और मंहगाई जैसे मुद्दे चुनौती बने हुए है। इन मुद्दों को नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार निपटाने में सक्षम होगी ऐसी हम आशा करते है।

मीडिया का मानना है कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उनके कार्यकाल के दौरान गुजरात में अच्छा काम हुआ है। आशा करते है कि नरेन्द्र मोदी अब देश के प्रधानमंत्री के रूप में भी चैमुखी विकास करेंगे और देश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जायेंगे।

वाई एस बिष्ट, संपादक, हिलमेल

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