उत्तराखंड में 3500 से ज्यादा बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। दरअसल, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं और सभी मांगों पर सहमति न बनने पर हड़ताल शुरू कर दी गई है। ऐसे में जनता को भी परेशानी हो सकती है।
सोमवार की आधी रात से बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई है। इससे पहले समान काम के लिए समान वेतन समेत 14 मांगों को लेकर सोमवार को सरकार के साथ समाधान निकालने की कोशिश बेनतीजा रही। सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है कि मंगलवार को कैबिनेट की होने वाली बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा लेकिन कर्मचारी नहीं माने। फिलहाल बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चे की प्रमुख मांगों में ऊर्जा निगम में एसीपी की पुरानी व्यवस्था लागू करना, उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कार्मिकों का नियमितीकरण, निगम में समान कार्य को समान वेतन और ऊर्जा निगमों में इंसेंटिव एलाउंसेज का रिवीजन करना शामिल है।
इससे पहले ऊर्जा कर्मियों और अधिकारियों की मीटिंग नाकाम रही थी। सचिव ऊर्जा ने 3 महीने का समय मांगा था पर ऊर्जा कर्मचारियों ने इनकार कर दिया।




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