कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को बचाने के लिए कमर कस ली है मुख्य चिकित्सा अधिकारी शंभू कुमार झा ने बताते हैं कि पूरी स्टेट के लिए एक प्रोग्राम तैयार किया गया है जिसके तहत संक्रमण की तीसरी लहर आने से पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।
इसमें तीन तरह के पैकेट ग्रीन, येलो और रेड बनाए गए हैं जिसमें से ग्रीन पैकेट 0 से 1 साल के बच्चों के लिए, यलो पैकेट 1 से 10 साल के बच्चों के लिए और 10 साल से 18 साल के बच्चों के लिए रेड पैकेट तैयार किए जा रहे हैं. इन पैकेटों को बनाने के लिए डॉक्टरों के पैनल की देख रेख में हो रहा हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस कार्य को तेजी से करने के लिए डॉक्टरों को ट्रेंड भी किया जा चुका है और साथ ही नर्स और आशाओं को भी ट्रेनिंग दी गई है, जिसमें उन्हें बताया गया हैं कि किस दवा को किस मात्रा में और कैसे बच्चों को देना है और साथ ही इसकी जानकारी बच्चों के माता पिता को कैसे देनी ये भी बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोरोना की पहली लहर में 0 से 9 साल के बच्चों में 2.1 प्रतिशत बच्चे संक्रमित पाए गए। जबकि 10 से 19 साल के बच्चों में 8.4 बच्चे संक्रमित हुए। वहीं बात करें दूसरी लहर की तो 0 से 9 साल के बच्चों में 1.7 प्रतिशत और 10 से 19 साल के बच्चों में 7.6 प्रतिशत बच्चे ही संक्रमित पाए गए हैं।


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