केदारनाथ के पुनर्निर्माण व नंदादेवी राजजात में अहम भूमिका निभाने वाले नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल का 22 सितम्बर को उत्तरकाशी के विभिन्न संगठनों ने नागरिक अभिनंदन किया। कर्नल अजय कोठियाल को ‘उत्तराखंड गौरव’ की उपाधि से विभूषित किया गया। कर्नल
केदारनाथ के पुनर्निर्माण व नंदादेवी राजजात में अहम भूमिका निभाने वाले नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल का 22 सितम्बर को उत्तरकाशी के विभिन्न संगठनों ने नागरिक अभिनंदन किया। कर्नल अजय कोठियाल को ‘उत्तराखंड गौरव’ की उपाधि से विभूषित किया गया।
कर्नल कोठियाल का उत्तरकाशी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ गोस्वामी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मार्चपास्ट कर उन्हें रामलीला मैदान पहुंचाया।
रामलीला मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य आंदोनकारी संगठन, पूर्व सैनिक कल्याण समिति, संवेदना समूह, लक्षेश्वर महिला विकास समिति, नगर व्यापार मंडल, आदर्श रामलीला समिति समेत अनेक संगठनों ने उन्हें अभिनंदन पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किए।
इस दौरान कर्नल कोठियाल के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का फिल्मांकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि कर्नल कोठियाल ने उत्तरकाशी ही नहीं बल्कि पूरे देश व सेना का भी मान बढ़ाया है।
सेना ने जहां उनकी वीरता के लिये शौर्य चक, कीर्ति चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया है, वहीं आम जनता ने उनका अभिनंदन कर इस सम्मान को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने 21
वर्ष की सैन्य सेवा के दौरान तीन बार सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2012 में संचालित इंडियन आर्मी वुमेन एक्सपीडिशन का नेतृत्व भी कर्नल कोठियाल ने किया था। गढ़वाल राइफल्स की चैथी बटालियन को कमान कर चुके कर्नल कोठियाल इससे पहले सेना मुख्यालय दिल्ली में तैनात थे।
कर्नल कोठियाल ने युवाओं से हौसले के साथ अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी काम में सफलता अपनी लगन और मेहनत पर ही निर्भर करती है।
इस कार्यक्रम में बीते साल केदारनाथ में आई आपदा के बाद राहत व बचाव में खास योगदान देने वाले निम से जुड़े योगेंद्र राणा व आमोद पंवार को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर कई गणमान्य लोग, बुद्धिजीवी और युवा मौजूद थे।
केदारनाथ तक सड़क मार्ग को चारधाम यात्रा से पहले तक सुचारू करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रामबाड़ा से केदारनाथ तक बनने वाले मार्ग के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया था।
इस टास्क फोर्स का नेतृत्व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल और डी.आई.जी जी.एस. मार्तोलिया को सौंपा गया था। इस टास्क फोर्स ने युद्धस्तर पर कार्य करके निश्चित अवधि के दौरान इस कार्य को समाप्त किया।

कर्नल अजय कोठियाल ने एनआईएम के प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए केदारनाथ तथा नंदा देवी राजजात यात्रा के कुशल संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे लोगों का तहे दिल से सम्मान किया जाना चाहिए।
ओम बधाणी के अनुसार, उत्तरकाशी में अपनी तरह का यह पहला कार्यक्रम रहा जो अत्यंत भव्य और सामाजिक सहभागिता से संपन्न हुआ। निश्चित रूप से यह कर्नल कोठियाल के प्रति जनता का अगाध प्रेम ही है।
कर्नल अजय कोठियाल को हार्दिक शुभकामनायें।
हिलमेल ब्यूरो







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