रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, भारत को हमलों के मद्देनजर अपने सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आजादी के बाद से देश को कई हमलों का सामना करना पड़ है और हमें अपने सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की क्षमताओं को एक साथ काम करने के लिए बढ़ाना पड़ा। हमारा देश एक शांतिप्रिय राष्ट्र है लेकिन हमें कुछ परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और हमें युद्ध के लिए अपने बलों को प्रशिक्षित करना पड़ा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नेतृत्व की भूमिका के लिए महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं तथा बलों के बीच संयुक्तता बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों से उनकी क्षमताओं में वृद्धि होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाए जाने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली से कार्यक्रम की शुरुआत की। ज्ञातव्य रहे कि आजादी का अमृत महोत्सव भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा की गई एक पहल है।



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