स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में एक लाख तक की आबादी वाले नगर निगम में ऋषिकेश को पूरे देश में 53वां स्थान प्राप्त हुआ है और नगर निगम ऋषिकेश को एक लाख की आबादी वाले नगर निगम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। तीन साल पहले नगर पालिका परिषद को नगर निगम ऋषिकेश बनाया गया था।
20 नवंबर 2018 को नगर निगम के चुनाव परिणाम घोषित हुए थे। उसके तीन साल बाद इसी दिन नगर निगम ऋषिकेश को देशभर में स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने का यह इनाम मिला है। गोविंद नगर हरिद्वार मार्ग पर विशाल भूखंड में कूड़े के ढेर के साथ नगर निगम को कूड़ा निस्तारण का काम करना पड़ रहा है। यहां लगेसी प्लांट लगाया गया है। जिसमें जैविक और अजैविक कूड़े को अलग करने के बाद प्लास्टिक कचरा अलग किया जा रहा है।
नगर निगम की महापौर अनीता ममगाई और नगर आयुक्त गिरीश चंद्र गुणवंत में इस सफलता को नागरिकों के सहयोग और पर्यावरण मित्रों की मेहनत का फल बताया है। महापौर ने कहा कि कम संसाधनों के बीच नगर तथा उसके साथ शामिल हुए ग्रामीण क्षेत्र के 20 वार्ड यानी कुल 40 वार्ड में स्वच्छता के साथ कूड़ा प्रबंधन नगर निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सीमित कर्मचारियों, सीमित संसाधन के बीच हमने बेहतर प्रबंधन और तालमेल के जरिए नगर निगम क्षेत्र को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर बनाने की कोशिश की है।
कुछ समय पहले हिल-मेल ने स्वच्छता के बारे में अनीता मंमगाई से सवाल पूछा कि हम कब ऋषिकेश को टॉप टेन या टॉप फाइव में देख पाएंगे ? तो उनका जवाब था कि पूरे भारत में स्वच्छता सर्वेक्षण होता है तो उसमें टॉप करने के लिए और क्या करना है, वह तो मुझे पता नहीं है लेकिन मेरा यह मानना है कि जब जनता हमें अच्छा रिस्पांस देती है तो अपने आप संतुष्टि होती है।
उन्होंने कहा कि जब मैं फील्ड में जाती हूं तो मुझे अपने चैक चैराहों, हर गली, हर मोहल्ला साफ सुथरा दिखता है, वहीं तो मेरा ध्येय है कि यह लगातार ऐसा ही बना रहे और जो हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं, हमारे पर्यावरण मित्र उन्होंने अपनी पूरी शक्ति इसमें झोकी हुई है।
मैं देखती हूं अपने स्वच्छता प्रहरियों को, चाहे बारिश हो, गर्मी हो, ठंड हो वो अपने काम में लगातार लगे रहते हैं। कहीं न कहीं उनको देखकर मेरा भी उनके प्रति एक बहुत अच्छा भाव जागता है कि इन्हीं की वजह से कहीं न कहीं हमारा भी मान सम्मान है। तो मेरे लिए नंबर वन वही हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं। मेरा प्रयास रहता है कि शहर में स्वच्छता हो। इसके लिए मैं हमेशा प्रयासरत रहती हूं।
अनीता मंमगाई कहती है कि पहले कूड़ा ग्राउंड शहर के बीचों बीच में था और जब कभी स्वच्छता सर्वेक्षण होता तो ऋषिकेश पहली ही रेस में बाहर हो जाता था। गंगा जी तो मुश्किल से 50 मीटर की दूरी पर हैं और पूरे शहर की गंदगी मां गंगा में जाना, शहर के बीचों बीच ऐसी बदबू आना और कूड़े का ढेर यहां पर लगना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी।




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