उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आवास 3 कामराज मार्ग पर जाकर उनके परिवारजनों से भेंट कर शोक संवेदना जताई। मुख्यमंत्री धामी ने जनरल बिपिन रावत और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मधुलिका रावत के तमिलनाडु में हुए एक हेलीकॉप्टर क्रैश में असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का निधन बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है। उनका निधन देश के लिए विशेषकर उत्तराखंड राज्य की बहुत बड़ी हानि है, साथ ही मेरे लिए भी। सैनिक पुत्र होने के नाते हमेशा मेरा मार्गदर्शन करते रहते थे। उनकी सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। कभी लगता नहीं था कि किसी जनरल से मिल रहे हैं। पहली बार मुख्य सेवक बनने के बाद जब मिले तो मेरे पिताजी की रेजीमेंट (महार रेजिमेंट) सागर जाने का कार्यक्रम उन्होंने बनाया हुआ था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। भगवान उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे।

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वहीं सीडीएस जनरल रावत के परिजनों से मिलने के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, दिवंगत जनरल बिपिन रावत के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की और इस असहनीय पीड़ा को सहन करने के लिए ढांढस बंधाया। बहादुर पिता की बहादुर बेटियों को देखा। ऐसी विकट घड़ी में भी स्वयं को संभालते हुए आगंतुकों को मिलना, उनकी चिंता करते देख अपार गौरव की अनुभूति हुई। यही है भारत की श्रेष्ठ शौर्य परंपरा। जय हिंद!



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