प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की वर्तमान कोविड-19 स्थिति का जायजा लेने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उप-राज्यपालों के साथ बातचीत की। इस साल मुख्यमंत्रियों और उप-राज्यपालों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली मुलाकात है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत की और उनसे चल रहे टीकाकरण अभियान को मजबूत करने को कहा। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओमिक्रॉन के बाद दूसरे कोविड वैरिएंट के लिए भी तैयार रहें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्षों की सबसे बड़ी महामारी के साथ भारत की लड़ाई अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर गई है। उन्होंने कहा, ‘परिश्रम ही हमारा एकमात्र रास्ता है और विजय ही एकमात्र विकल्प है। हम 130 करोड़ भारत के लोग, अपने प्रयासों से कोरोना से जीतकर अवश्य निकलेंगे।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल मीटिंग में गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया समेत कांग्रेस शासित राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी बैठक में मौजूद रहे।कोरोना स्थिति पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पिछले वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है, ये अधिक ट्रांसमिसिबल है। हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्थिति का आकलन कर रहे हैं। स्पष्ट है कि हमें सतर्क रहना है।’
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी रणनीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि आम लोगों की आजीविका का कम से कम नुकसान हो, आर्थिक गतिविधियों पर कम से कम प्रभाव पड़े और अर्थव्यवस्था की गति बनी रहे। इसलिए बेहतर होगा कि लोकल कंटेनमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें होम आइसोलेशन के दौरान अधिकतम उपचार प्रदान करने की स्थिति में होना चाहिए और इसके लिए होम आइसोलेशन संबंधी दिशा-निर्देशों में सुधार करते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपचार में टेली मेडिसिन सुविधाओं के उपयोग से काफी सहायता मिलेगी।



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