Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड के दो सपूतों को बेहतरीन सेवा के लिए अलकंरण, एयर मार्शल वीपीएस राणा को पीवीएसएम, बीसी जोशी को राष्ट्रपति पुलिस पदक
उत्तराखंड न्यूज़देश-विदेशदेहरादून

उत्तराखंड के दो सपूतों को बेहतरीन सेवा के लिए अलकंरण, एयर मार्शल वीपीएस राणा को पीवीएसएम, बीसी जोशी को राष्ट्रपति पुलिस पदक

गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के दो सपूतों को राष्ट्रपति द्वारा अलंकृत किए जाने की घोषणा की गई। वायुसेना में एयर मार्शल वीपीएस राणा को शानदार सेवा के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम) प्रदान किया जाएगा। वहीं लोकसभा सचिवालय, संसद भवन में निदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात भुवन चंद्र जोशी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चुना गया है।

एयर मार्शल विजयपाल सिंह राणा वायुसेना की प्रशासनिक शाखा में एयर ऑफिसर इन चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन हैं। एयर मार्शल राणा मूलतः टिहरी गढ़वाल के नेलडा, धारमंडल के निवासी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई उत्तराखंड के विभिन्न विद्यालयों से की। इनमें टिहरी गढ़वाल के घुमेटीधार, पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर, उत्तरकाशी और पंतनगर यूनिवर्सिटी शामिल हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन पराक्रम के दौरान फाइटर कंट्रोलर और रडार यूनिट के कमांडिंग अफसर के रूप में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सराहनीय योगदान के लिए उन्हें 1995 में वायु सेना प्रमुख द्वारा प्रशंसा पत्र और 2015 में राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।

भुवन चंद्र जोशी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएस) में डीआईजी के पद पर हैं और इस समय में लोकसभा में प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह यहां निदेशक सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे हैं। उन्हें 11 अप्रैल, 2017 में नियुक्त किया गया था। उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान किया जा चुका है। 25 सितंबर, 1962 को पैदा हुए बीसी जोशी 5 अक्टूबर, 1987 को बीएसएफ में शामिल हुए। उन्होंने पंजाब, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी सेवाएं दी हैं। डीआईजी बीएसएफ रहते हुए वह सीआईबीएमएस यानी कंप्रेहैनसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट से भी जुड़े रहे।

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles