उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अगले 10 दिन में आक्रामक प्रचार का प्लान तैयार किया है। इसकी अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे। चुनाव आयोग ने कोविड संक्रमण को देखते हुए मेगा रैलियों पर लगी रोक को 11 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके बाद सभी राजनीतिक दलों ने वर्चुअल प्रचार के लिए अपनी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी 4 फरवरी को अल्मोड़ा से अपने पहली वर्चुअल रैली की शुरुआत करेंगे। वह पांच जिलों में वर्चुअल रैलियां करेंगे। अल्मोड़ा के अलावा पीएम मोदी पौड़ी में 6 फरवरी, टिहरी में 8 फरवरी, हरिद्वार में 10 फरवरी और नैनीताल में 12 फरवरी को वर्चुअल रैली करेंगे।
चुनाव आयोग ने एक रैली स्थल पर 1000 लोगों को ही जमा करने की इजाजत दी है। सभी दलों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसे देखते हुए भाजपा की तैयारी है कि पीएम मोदी की वर्चुअल रैली को जिलेवार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए पीएम मोदी जब अल्मोड़ा में रैली करेंगे तो सभी विधानसभाओं में उनकी रैलियों को वर्चुअली लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
जिले की सभी विधानसभा सीटों पर रैली आयोजित की जाएंगी और उनमें चुनाव आयोग द्वारा मान्य 1000 लोगों को जुटाया जाएगा। इन लोगों को पीएम संबोधित कर पाएंगे। इस तरह भाजपा की योजना एक वर्चुअली रैली के जरिये एक साथ 15 हजार लोगों तक पहुंचने की है। इसके अलावा भाजपा अपने तमाम सोशल मीडिया माध्यमों से भी रैली को प्रसारित करेगी।
भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए 30 स्टार प्रचारकों की सूची तैयार की है। इसमें पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है। कई केंद्रीय मंत्री भी भाजपा के लिए प्रचार अभियान में उतरेंगे।
भाजपा की कोशिश है कि छोटी सभाओं के जरिये भी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जाए और फिर पीएम मोदी की वर्चुअल रैली के जरिये मतदाताओं को भाजपा को भी वोट देने के लिए तैयार किया जाए।
अल्मोड़ा में 6 विधानसभा सीटें – अल्मोड़ा, जागेश्वर, द्वाराहाट, रानीखेत, सल्ट, सोमेश्वर
पौड़ी में 6 विधानसभा सीटें – कोटद्वार, यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, लैंसडोन, चैबट्टाखाल
हरिद्वार में 11 विस सीटें – हरिद्वार, रानीपुर, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरानकलियर, रुड़की, मंगलौर, खानपुर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण
नैनीताल में 6 विधानसभा सीटें – नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर, भीमताल, लालकुआं, कालाढूंगी
टिहरी में 6 विधानसभा सीटें – देवप्रयाग, नरेंद्र नगर, प्रतापनगर, टिहरी, धनौल्टी, घनसाली
उत्तराखंड भाजपा के मीडिया प्रमुख सुरेश जोशी बताते हैं कि वर्चुअल रैली जो हमने प्लान की है वह हर लोकसभा क्षेत्र में एक रैली होनी है अभी अल्मोड़ा की रैली निर्धारित हो गई है। 4 फरवरी को अल्मोड़ा में पहली वर्चुअल रैली होगी। जिसमें 14 की 14 विधानसभाओं में हर एक विधानसभा क्षेत्र में 1000 लोग जो कि चुनाव आयोग ने निर्धारित किया है ठीक उसी के आधार पर वहां पर हमारे सीनियर नेता रहेंगे और अल्मोड़ा से हम प्रधानमंत्री को दिल्ली कनेक्ट करेंगे और उसमें माननीय मुख्यमंत्री जी और अध्यक्ष जी स्वयं उपस्थित रहेंगे।
हमारी योजना यह है कि 14 के 14 स्थानों पर हमारे प्रत्याशी भी रहें और जो हमें 1000 लोगों की अनुमति है वह लोग भी रहें और उसके साथ साथ उस विधानसभा के अंदर जो छोटे स्पाट हैं जिनको हम न्याय पंचायत या सेक्टर कहते हैं वहां भी हम एलईडी के माध्यम से लोगों को जोडेंगे, इसके अलावा हम फेसबुक ऐप पर भी लोगों को जोड़ना चाहते हैं साथ ही साथ हमारी जो अदर फैसिलिटी हैं, टेलीफोनिक भी हम जोड़ना चाहते हैं, ट्वीटर से भी हम जोड़ना चाहते हैं। यानि कि एक लोकसभा के अंदर सीधे जो वर्चुअल जुडेंगे और टेलीफोनिक जुडेंगे उनकी संख्या लाखों में होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की फिजिकल रैली न होने पर सुरेश जोशी कहते हैं नुकसान का तो कहीं दूर दूर तक प्रश्न नहीं उठता क्योंकि हम वर्चुअल संवाद हम 70 की 70 विधानसभाओं में कर चुके हैं अब हमारी टेलीकांफ्रेंसिंग चल रही है हर विधानसभा के 50 हजार से लेकर सवा लाख लोगों तक के हमारे पास डाटा आ चुके हैं। यानि जो 80 लाख वोटर उत्तराखंड में हैं उन सभी लोगों का डाटा बीजेपी के पास उपलब्ध है और हम दिन प्रति दिन चरणों में कांफें्रस के द्वारा बात कर रहे हैं और साथ ही साथ प्रधानमंत्री जी की यहां पर पहले भी रैलियां हो चुकी हैं। वर्चुअल रैली पांच की पांच लोकसभाओं होनी हैं इसी तरह की उत्तराखंड के लोगों का प्रधानमंत्री जी से अगाथ प्रेम है और वह चाहते हैं कि हम प्रधानमंत्री को आमने सामने देखे और वह बोले हम सुने। तो इस तरह का सौभाग्य लोंगो को वह प्राप्त नहीं हो पा रहा है लेकिन भी वर्चुवली वह हमसे जुड़ रहे हैं तो उसका भी हमें आने वाले चुनावों में बहुत बड़ा लाभ होगा। जहां तक जिस कार्यक्रम को हमने यहां पर कोरोना काल में प्रारम्भ किया है अन्य जो पार्टियां है वह अभी उसके बारे में सोच भी नहीं सकते। यहां पर अब 10-12 दिन का चुनाव रह गया है और हम लोग इस पर बहुत काम कर चुके हैं।
कांग्रेस के घोषणापत्र और प्रियंका गांधी के धर्म की राजनीति के आरोप पर जोशी ने कहा, देखिये हम धर्म की बात नहीं कर रहे हैं कल ही की बात है कांग्रेस ने कहा कि एक जिस नेता को उसने ज्वाइन कराया उन्होंने कहा कि जिस वजह से वह कांग्रेस पार्टी में ज्वाइन की है कि सहसपुर के अंदर मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनेगी और एक मस्जिद बनेगी। यानि कांग्रेस चुनाव को सीधे सीधे जुम्मे की नमाज से, सीधे सीधे मस्जिद से, सीधे सीधे मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़ना चाहती है मुझे लगता है कि ये कहीं न कहीं कांग्रेस घबरा गई है, डर गई है क्योंकि मोदी जी ने उत्तराखंड में आकर एक लाख करोड़ जो हमने उत्तराखंड में निवेश किया था जो भारत सरकार ने उत्तराखंड सरकार को मदद की थी उसमें रोड़ का इन्फ्रास्ट्रचर था, रेल का इन्फ्रास्ट्रचर था, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में हम लोगों ने बहुत काम किया। इसलिए कांग्रेस उस सारे कामों से घबरा गई है और अब ऐसी बात बोल रही है।
अब जहां तक घोषणा पत्र का प्रश्न है वो मातृशक्ति की बात कर रही हैं, उत्तराखंड की मातायें तो प्रियंका जी से एक ही बात पूछ रही हैं आपने कहा कि मैं लड़की हूं लड़ सकती हूं, प्रियंका गांधी अब आ चुकी है लेकिन प्रश्न अब ये खड़ा हो रहा है कि अब उत्तराखंड कांग्रेस ने चार टिकट महिलाओं को दिये थे जिसमें एक दलित महिला थी, कांग्रेस दलित की भी बात करती है, पिछड़े की भी बात करती है, आपने दलित महिला का हरिद्वार में टिकट काट दिया। दूसरी बहन जो वास्तव में नेता थी उसका उन्होंने लालकुंआ में टिकट काट दिया।
अब आप देखिये उन्होंने कुल तीन टिकट महिलाओं को दिये हैं। 70 सीटों में से तीन दिये हैं उत्तराखंड के लोग तो प्रियंका से पूछ रहे हैं कि आप ये बताइये कि आप महिला सम्मान की बात कर रही हैं, आप महिला शक्तिकरण की बात कर रही हैं आप जिस विषय की बात कर रहीं है वह तो बिल्कुल उल्टा हो रहा है। आपने तीन महिलाओं को टिकट दिये वह भी एक हरीश रावत जी की बेटी को दे दिया, दूसरा हरक सिंह की बहू को दे दिया। यानि दिल्ली में सोनिया जी का परिवार और उत्तराखंड में हरदा और हरक सिंह रावत का परिवार। तो ये लोग जानना चाहते हैं कि बड़ा महत्वपूर्ण विषय यह है कि जिसको लेकर लोगों में एक जागरूकता है कि ये जो 40 प्रतिशत की बात करते हैं वह कितना ढकोसला है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अभी यहां पर आ रखे है और मंहगाई और बेराजगारी में बात कर रहे हैं। वह यहां पर बोल रहे हैं कि हम यहां पर 500 रूपये में गैस का सिलिडर देंगे, हमने उनसे पूछा कि आप तो राज्य में मुख्यमंत्री हैं आप उनको 1000 रूपये का सिलिडर क्यों दे रहे हैं आप उनको पांच सौ का सिलिडर दो फिर आप उत्तराखंड में देना। उसका वह जवाब नहीं दे पाये।
कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन जी उन्होंने कहा कि बहुत मंहगाई है, बेरोजगारी है हमने जब डाटा निकाला तो बेरोजगारी की दर उत्तराखंड में 5 प्रतिशत निकलती है और राजस्थान में 20 प्रतिशत की बेरोजगारी दर निकलती है। राजस्थान में 109 रूपये का पेट्रोल बिक रहा है और उत्तराखंड में 94 रूपये का पेट्रोल बिक रहा है। यानि कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। उत्तराखंड हमारा टूरिस्ट पैलेस है और प्रियंका जी यहां टूरिज्म के लिए आई हैं मुझे नहीं लगता कि उन्हें पार्टी से कोई ज्यादा लेना देना है।


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