राधा रतूड़ी ने दिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश, यूक्रेन में उत्तराखंड के फंसे छात्रों एवं नागरिकों की सूची बनाई जाए जिससे उन्हें स्वदेश लाने में मदद मिले

राधा रतूड़ी ने दिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश, यूक्रेन में उत्तराखंड के फंसे छात्रों एवं नागरिकों की सूची बनाई जाए जिससे उन्हें स्वदेश लाने में मदद मिले

राधा रतूड़ी ने सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यूक्रेन में उत्तराखंड के जो छात्र एवं अन्य नागरिक हैं, उनके परिजनों से लगातार संपर्क स्थापित किया जाये। यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों एवं छात्रों की वर्तमान लोकेशन की जानकारी शासन एवं दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय को भी समय-समय पर दी जाये, ताकि सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान एम.ई.ए को शीघ्रता से किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक उत्तराखंड के 282 लोगों की सूचना प्राप्त हो चुकी है, जो यूक्रेन और उसके आस-पास के देशों में फंसे हैं, जिनमें से 33 सकुशल घर वापस लौट चुके हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते हजारों भारतीय स्टूडेंट्स यूक्रेन के कई शहरों में अभी भी फंसे हुए हैं। यूक्रेन में कई छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हुए थे। केंद्र सरकार ने सभी भारतीय स्टूडेंट्स की वापसी के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन गंगा चला रखा है। उत्तराखंड के भी कई मेडिकल के छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनकी सुरक्षित स्वदेश के लिए उत्तराखंड सरकार विदेश मंत्रालय से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। उत्तराखंड के कई स्टूडेंट्स सुरक्षित भारत लौट आए हैं और अभी तक जो नहीं पहुंच पाये हैं उनको लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

आज प्रभारी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यूक्रेन में उत्तराखंड के जो छात्र एवं अन्य नागरिक हैं, उनके परिजनों से लगातार संपर्क स्थापित किया जाये। यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों एवं छात्रों की वर्तमान लोकेशन की जानकारी शासन एवं दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय को भी समय-समय पर दी जाये, ताकि सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान एम.ई.ए को शीघ्रता से किया जा सके।

राधा रतूड़ी ने कहा कि यूक्रेन सीमा से लगे देशों में इंडियन एम्बेसी से भी जानकारी ली जा रही है। अभी तक उत्तराखंड के 282 लोगों की सूचना प्राप्त हो चुकी है, जो यूक्रेन और उसके आस-पास के देशों में फंसे हैं, जिनमें से 33 सकुशल घर वापस लौट चुके हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों एवं उत्तराखंड में निवासरत उनके परिवारजनों के मोबाइल नम्बर को जोड़ते हुए 3 व्हाट्सप्प ग्रुप बनाये गये हैं, जिनमें सभी वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों से जिला स्तर के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से निरन्तर सम्पर्क बनाये हुए हैं। भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से सभी को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

प्रभारी मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली एवं मुम्बई में राज्य की ओर से यूक्रेन से आने वाले उत्तराखंड वासियों के लिए समन्वय केन्द्र बनाया गया है। सभी आगन्तुकों के लिए ठहरने एवं खाने की व्यवस्था की गई है, दिल्ली से अपने गन्तव्य तक लाने की व्यवस्था राज्य की ओर से की गई है। यूक्रेन से आने वाले उत्तराखंड के नागरिकों की वर्तमान लोकेशन की जो भी सूचना प्राप्त हो रही है, उन सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से किया जाये, ताकि सूचना समय पर स्थानिक आयुक्त कार्यालय एवं एम.ई.ए को भेजी जा सके।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यूक्रेन एवं उसके आस-पास के देशों में फंसे उत्तराखंड के जिन नागरिकों या उनके परिजनों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, प्राप्त डाटा के आधार पर उनके परिजनों से सम्पर्क स्थापित करने के लिए टीम भेजी जाय। यूक्रेन से उत्तराखंड के सभी नागरिकों को सकुशल वापस लाने एवं बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जनपद एवं तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। शासन, प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उत्तराखंड शासन की ओर से बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सचिव विनोद कुमार सुमन को नई दिल्ली में नोडल अधिकारी के रूप में भेजा गया है।

राधा रतूड़ी ने कहा कि यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के लोगों को सकुशल वापस लाने एवं उनकी वर्तमान लोकेशन की जानकारी के लिए राज्य स्तर पर राज्य आपदा परिचालन केन्द्र को सक्रिय किया गया है। इस केन्द्र में सभी जनपदों एवं अभिसूचना विभाग से प्राप्त सूचनाएं आरसी ऑफिस एवं एम.ई.ए को दी जायेगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, एडीजी इंटेलीजेंस संजय गुंज्याल, सचिव एस. ए. मुरूगेशन, विनोद कुमार सुमन, डीआईजी इंटेलीजेंस निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव सोनकर, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं ए.आरसी अजय मिश्रा मौजूद थे।

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