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यूपी में भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सीएम योगी का एक्शन, सोनभद्र के डीएम और गाजियाबाद के एसएसपी निलंबित

योगी आदित्यानाथ की सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकारी कामों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू को लेकर राज्य सरकार के पास शिकायतें थीं और इन शिकायतों की जांच वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल कर रहे थे। इसके अलावा अपराध रोकने में नाकाम गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को भी निलंबित कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार और अपराध रोकने को लेकर एक्शन में हैं। अपने दूसरे कार्यकाल के कुछ दिन बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र के डीएम टीके शिबू और गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को निलंबित कर दिया। जबकि पूर्व के कार्यकाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 17 आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और सरकारी दायित्वों की अवहेलना करने की कार्रवाई की है। वहीं पिछले कार्यकाल में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई आईएएस अफसरों को सस्पेंड कर दिया था।

योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अफसरों को सख्त हिदायत दी कि भ्रष्टाचार और अपराध रोकने के मामले में कार्रवाई शीघ्र होनी चाहिए। इसलिए अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा था कि सबकी जिम्मेदारी तय है और जो भी इसकी अवज्ञा करेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसलिए खनन और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और चुनाव के दौरान काम नहीं करने के आरोप में सोनभद्र के डीएम को निलंबित कर दिया गया है। वहीं गाजियाबाद के एसएसपी को अपराध का पालन नहीं करने और ड्यूटी का पालन नहीं करने के मामले में यूपी सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। राज्य सरकार ने चंद्रविजय सिंह को सोनभद्र का नया डीएम नियुक्त किया है। वह अब तक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक थे।

दरअसल, राज्य सरकार ने साफ कर दिया था कि सरकारी कामों में भ्रष्टाचार और ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम शिबू को लेकर राज्य सरकार के पास शिकायतें थीं और इन शिकायतों की जांच वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल कर रहे थे। निलंबन के बाद डीएम टीके शिबू को राजस्व परिषद लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को अपराध को न रोकने और ड्यूटी नहीं करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में 17 आईपीएस अधिकारियों को सजा मिली थी। राज्य सरकार ने 17 आईपीएस अधिकारियों को उनके आधिकारिक दायित्वों को पूरा नहीं करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया था।

गाजियाबाद में लगातार हो रही लूट की संगीन घटनाएं होने के कारण एसएसपी पवन कुमार को निलंबित कर दिया गया। अब उनकी जगह मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार को एसएसपी गाजियाबाद का काम देखने का निर्देश दिया गया है। पवन कुमार 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें अगस्त 2021 में गाजियाबाद का एसएसपी नियुक्त किया गया था।

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Hill Mail

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