Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ केदारनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, हेलीकाॅप्टर से आने वाले यात्रियों ने दो दिन में किये 3500 टिकट बुक
उत्तराखंड न्यूज़देहरादूनरुद्रप्रयाग

केदारनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, हेलीकाॅप्टर से आने वाले यात्रियों ने दो दिन में किये 3500 टिकट बुक

केदारनाथ धाम के ग्रीष्मकालीन कपाट 6 मई को खुल रहे है इस बार केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर भारी उत्साह दिख रहा है। केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवा के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है दो दिन के भीतर ही यहां आने के लिए लगभग 3500 टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। अभी केवल 6 मई से 20 मई तक केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु ही अपनी टिकट बुक करा सकते हैं।

पिछले दो सालों से कोरोना के कारण यहां आने वाले ऋद्धालुओं की संख्या काफी कम थी इस बार कोरोना के हालात में सुधार के कारण श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर भारी उत्साह दिख रहा है। इस साल चारधाम यात्रा को बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर से तैयारियां की गई हैं। हेली सेवाओं के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को सौंपी गई है।

केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से हेली सेवा संचालित की गई है। इस साल चारधाम यात्रा को सुचारू बनाने के लिए सरकार द्वारा बड़े स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों ने दो दिन के भीतर ही 3500 टिकटों की बुकिंग करा दी है इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है इस बार चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

इस बार गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से नौ एविएशन कंपनियां हेली सेवा का संचालन कर रही हैं। जिसमें गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए एरो एयर क्राफ्ट और आर्यन एविएशन, फाटा से केदारनाथ के लिए पवन हंस, चिपसन एविएशन, थंबी एविएशन और पिनाक्ल एयर तथा सिरसी से केदारनाथ के लिए एरो एयर क्राफ्ट, हिमालयन हेली और केट्रल एविएशन की ओर से सेवाएं दी जा रही हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...