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केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य को उमा भारती ने सराहा

Uma Bharati & Col Ajay Kothiyal in Kedarnathकेंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने 18 अक्टूबर को केदारनाथ का दौरा किया। यहां पहुंचकर उन्होंने यहां चल रहे पुनर्निर्माण के कार्यों के बारे में जाना और राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उमा भारती ने केदरापुरी में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर संतोष जताया और उन्होंने कहा कि केदारनाथ में सराहनीय कार्य हुए हैं।

केदारनाथ पहुंचने पर उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी राजशेखर लिंग ने पूजा संपन्न कराई। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (निम) के प्रिसपल कर्नल अजय कोठियाल ने उमा भारती को यहां चल रहे पुनर्निर्माण के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और किस प्रकार उन्होंने कठिन हालात में भी यहां पर पुनर्निर्माण का काम जारी रखा। इस कार्य के लिए उमा भारती ने सरकार और निम की काफी प्रशंसा की।

CM Photo 07, dt. 15 October, 2015उन्होंने कहा कि केदारनाथ में मंदाकिनी नदी को मूल स्वरूप में लौटाने के साथ ही मंदिर के पीछे मेरु-सुमेरु पर्वत से गिरने वाले हिमखंडों से सुरक्षा के लिए दीवार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के तहत इसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और राज्य सरकार से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गये हैं।

CM Harish Rawat in Kedarnath

उमा भारती ने कहा कि सरकार यहां पर हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों में समर्पणभाव से योगदान करें। जल संसाधन मंत्री ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार बद्रीनाथ, गंगोत्री व यमनोत्री पर भी इसी प्रकार से ध्यान देगी। क्योंकि चारधाम यात्रा के लिए पूरे देश से ऋद्वालु आते हैं इसलिये यहां पर भी यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर कार्य किया जाना चाहिए।

केदारपुरी में उमा भारती ने दिन के भोजनालय में पहाड़ी व्यंजनों का लुफ्त उठाया।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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